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अनंतकाल तक जीना चाहते हैं तोमोजी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के सबसे बुज़ुर्ग व्यक्ति जापान के तोमोजी तनाबे ने अपना 112वाँ जन्मदिन मनाया है. उनकी इच्छा अनंतकाल तक जीवित रहने की है. आख़िर क्या है इस उम्र में भी उनकी तंदुरुस्ती का राज़. तनाबे का जवाब सीधा और सपाट है, 'शराब से तौबा'. तनाबे रोज़ाना दूध पीते हैं, धूम्रपान नहीं करते, डायरी लिखते हैं और अख़बार पढ़ते हैं. गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने प्यूर्तो रिको के 115 वर्षीय एमिलियो मेरकाडो डेल तोरो के निधन के बाद इसी साल जनवरी में तनाबे को दुनिया का सबसे उम्रदराज़ व्यक्ति घोषित किया था. तनाबे के जन्मदिन पर मियाकोनोजो के मेयर उन्हें मुबारकबाद देना नहीं भूले. उन्होंने तनाबे को गुलदस्ता भेंट किया और एक लाख येन यानी लगभग 36000 रुपए भी दिए. संवाद समिति क्योदो ने तनाबे के हवाले से कहा, "मैं अनंतकाल तक जीना चाहता हूँ. मैं मरना नहीं चाहता." आहार में चावल, सूप और सी-फ़ूड लेने वाले तोमोजी अपने पाँचवें बेटे मंतूरी के साथ रहते हैं. मंतूरी की उम्र 67 साल है. जापान में अधिक उम्र के बुज़ुर्गों की संख्या सर्वाधिक है. वहाँ लगभग 30000 से ज़्यादा लोग 100 से अधिक वर्ष की उम्र के हैं. उल्लेखनीय है कि भारत की गुलाबी नगरी जयपुर के हबीब मियाँ ख़ुद को 135 साल का बताते हैं जबकि उनके पेंशन के काग़ज़ात में उनकी उम्र 128 साल दर्ज है. ये अलग बात है कि गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उनके दावे को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है. | इससे जुड़ी ख़बरें जीवन की साँझ में उपेक्षा का अंधेरा05 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस एक शताब्दी से ज़्यादा के अनुभव10 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस बुढ़ापे में नया सफ़र14 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना दुबई में रिकार्ड "मोहम्मद" जमा हुए11 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना पांडिचेरी यानी साइकिल संस्कृति का शहर16 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस ठंडे को लेकर गर्म हुए धर्मगुरू19 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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