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सरकारी पैसों से 'स्तनवृद्धि' पर विवाद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया में महिला नौसैनिकों को स्तनों का आकार बढ़ाने वाली सर्जरी के लिए सरकारी कोष से पैसे देने पर विवाद खड़ा हो गया है. विपक्षी लेबर पार्टी ने कहा है कि जनता से वसूले गए पैसों का इस्तेमाल इस तरह के कार्यों में करना ठीक नहीं है. हालाँकि सेना के प्रवक्ता ने इस तरह की सर्जरी को सही ठहराया है. उनका कहना है कि इसके पीछे मनोवैज्ञानिक कारण हैं ना कि महिला नौसैनिकों को 'सेक्सी' दिखाना. ब्रिगेडियर एंड्र्यू निकोलिक ने कहा कि रक्षा नीति के तहत कर्माचारियों की 'व्यापक ज़रूरतों' का ध्यान रखा जाता है. उन्होंने कहा कि स्तनवृद्धि की सर्जरी के लिए धन मुहैया कराना सेना की कोई सामान्य नीति नहीं है. ब्रिगेडियर निकोलिक ने कहा, "हम अपने लोगों की शारीरिक और मनोवैज्ञानिक ज़रूरतों का ध्यान रखते हैं." वो कहते हैं, "लेकिन ये कहना ठीक नहीं होगा कि अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि वह अच्छा नहीं दिख रहा है तो सेना रूटीन के तहत स्तनवृद्धि जैसे कामों के लिए पैसे दे." सेना का बयान ऐसे समय में आया है जब एक प्लास्टिक सर्जन ने कहा कि उसने स्तन का आकार बढ़ाने के लिए दो महिला सैनिकों की सर्जरी की है और इस पर चार हज़ार 200 पाउंड खर्च हुए. ब्रिगेडियर नोकिलक ने कहा कि इस तरह की सर्जरी का फ़ैसला प्राथमिक चिकित्सा जाँच के बाद ही होता है. लेकिन विपक्षी लिबरल पार्टी ने पूरे मामले पर स्पष्टीकरण माँगा है. उसका कहना है, "जनता के टैक्स के पैसों से इस तरह की सर्जरी कराना कई सवाल खड़े करता है." | इससे जुड़ी ख़बरें पश्चिमी खानपान के ख़तरे11 जुलाई, 2007 | विज्ञान स्तन कैंसर की ज़्यादा मार ग़रीबों पर07 मार्च, 2007 | विज्ञान स्तन कैंसर की जाँच की नई विधि20 अगस्त, 2006 | विज्ञान काइली मिनोग का सफल आपरेशन21 मई, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस च्युइंग गम से शरीर बेहतर होगा18 मार्च, 2005 | विज्ञान 'डायनासोर को खाने वाला जानवर भी था'13 जनवरी, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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