|
विमान अपहर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तुर्की में एक विमान का अपहरण करने की कोशिश करने वाले दोनों लोगों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सभी 136 यात्री और चालक दल के सदस्य भाग निकलने में सफल रहे. अपहरण की कोशिश के बाद इस विमान को अंतालय शहर में उतारा गया था. यह यात्री विमान साइप्रस से इस्तांबुल जा रहा था जब उसे ज़बरदस्ती दक्षिणी तुर्की के अंताल्या क्षेत्र में आपात स्थिति में उतारा गया. विमान में सवार दो लोगों ने इस विमान के अपहरण का प्रयास किया. साइप्रस के अधिकारियों का कहना है कि ये दोनों लोग ईरानी हैं और वे अमरीका के ख़िलाफ़ अपना विरोध प्रकट कर रहे थे हालांकि ये पुष्ट नहीं हो पाया है. अपहरणकर्ताओं ने कॉकपिट में प्रवेश करने की कोशिश की. विमान चालक के मुताबिक जब वे इसमें असमर्थ रहे तो उन्होंने विमान को ईरान ले चलने के लिए कहा. इसपर विमान चालक ने बताया कि उनके पास इसके लिए पर्याप्त ईधन नहीं है और इसी लिए विमान को आपात स्थिति में अंताल्या क्षेत्र में उतारना पड़ा. यात्री सुरक्षित जब विमान को ईंधन लेने के लिए उतारा गया तो अपहरणकर्ताओं ने कहा कि महिलाएँ और बच्चे जा सकते हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जब पीछे का दरवाज़ा खोला गया तो लभगभ सभी यात्री बाहर निकल गए. एटलस एयरलाइन के एक अधिकारी ने बताया कि विमान में 136 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे. यात्रियों ने बताया कि दोनों अपहर्ता कद में काफी लंबे और अश्वेत हैं. ये अरबी बोल रहे थे. एक यात्री ने बताया कि जब उन्होंने अपहरण किया तो कुछ समय के लिए लगा कि विमान चालक अपना नियंत्रण खो बैठा है. इस यात्री ने बताया कि अपहरण के बाद बच्चे रोने लगे और लोग बुरी तरह से घबरा गए. | इससे जुड़ी ख़बरें अनजान पुरुषों के साथ बैठने से इनकार28 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना ब्राज़ील में विमान दुर्घटना में '200 मरे'18 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना कनाडा में 'कनिष्क स्मारक' का अनावरण 25 जून, 2007 | पहला पन्ना दुर्घटनाग्रस्त विमान में सभी 'मारे गए'07 मई, 2007 | पहला पन्ना यात्रियों ने विमान अपहरणकर्ता को दबोचा16 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना लापता विमान की तलाश फिर शुरू03 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||