BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 05 अगस्त, 2007 को 10:07 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
चीन ने अपने नारे नरम किए
पोस्टर
जनसंख्या पर नियंत्रण करने के लिए ये नीति चीन में 1979 से लागू है
चीन ने केवल ‘एक ही संतान’ की नीति को लेकर बने विज्ञापनों में इस्तेमाल हो रहे कड़े शब्दों में बदलाव करने का फ़ैसला किया है.

ग्रामीण इलाक़ों में लगाए गए कई पोस्टरों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है जैसे वो पोस्टर जिसमें लिखा गया है- ‘एक और बच्चे का मतलब है एक और समाधि’.

अब 190 ऐसे नारों की सूची जारी की गई है जो स्वीकार्य हों.

चीनी अधिकारियों का कहना है कि इन नारों में इस्तेमाल किए गए कड़े शब्दों के कारण ‘एक संतान की नीति’ की छवि को नुकसान पहुँच रहा है.

जनसंख्या पर नियंत्रण करने के लिए ये नीति चीन में 1979 से लागू है.

नए नारे

चीन की आधिकारिक शिन्हुआ एजेंसी के मुताबिक राष्ट्रीय जनसंख्या और परिवार नियोजन आयोग के इस फ़ैसले का मकसद चीन की जनसंख्या नियंत्रण नीति के प्रति लोगों के मन में बेहतर नज़रिया बनाना है.

एजेंसी में ऐसे कई नारों की मिसाल दी गई हैं जो पोस्टरों पर या इंटरनेट पर इस्तेमाल किए गए हैं जैसे- ‘बच्चे कम पैदा करें और सुअर ज़्यादा पालें’.

जो नए नारे अब प्रयोग किए जा सकते हैं उनमें हैं- ‘एक से ज़्यादा बच्चे का भार उठाने के लिए धरती माता बहुत थक चुकी है’ या ‘लड़की और लड़की दोनों माता-पिता के दिल का टुकड़ा होते हैं’.

28 वर्ष पुरानी चीन की नीति के मुताबिक शहरी इलाक़ों में ज़्यादातर परिवारों में केवल एक ही संतान की अनुमति है जबकि ग्रामीण इलाक़ों में दो बच्चों की अनुमति अगर पहला बच्चा लड़की हो तो.

आलोचकों का कहना है कि इससे ज़बरदस्ती गर्भपात और नसबंदी की घटनाएँ बढ़ी हैं और लिंग अनुपात का संतुलन बिगड़ गया है क्योंकि लोग लड़की के बजाय लड़के चाहते हैं. कई लोग कन्या भ्रूण हत्या भी कर रहे हैं.

चीन विश्व में सबसे बड़ी आबादी वाला देश है. वर्ष 2005 में चीन की आबादी 1.3 अरब थी और उसका कहना है कि नीतियों के कारण जनसंख्या कम करने में मदद मिली है.

इससे जुड़ी ख़बरें
नकली दवाओं के लिए दोषी, मिली मौत
10 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना
चीन में दुल्हनों की कमी
12 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना
चीन का आबादी पर काबू का दावा
22 मार्च, 2006 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>