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सोमवार, 07 मई, 2007 को 09:45 GMT तक के समाचार
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चीन में जनसंख्या वृद्धि की चेतावनी
परिवार
चीन में एक दंपत्ति का सिर्फ़ एक ही बच्चा हो सकता है
चीन में परिवार नियोजन आयोग ने कहा है कि लोग एक ही बच्चा पैदा करने की नीति का उल्लंघन कर रहे हैं और इससे जनसंख्या में फिर से वृद्धि हो सकती है.

राष्ट्रीय जनसंख्या और परिवार नियोजन आयोग के अधिकारी ज़ांग वीगिंग ने सरकारी मीडिया को बताया कि लोगों के बीच बढ़ती आर्थिक खाई के चलते जन्म दर में बढ़ोत्तरी हो सकती है.

उन्होंने शिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि अमीर लोग एक ही बच्चा पैदा करने की नीति का उल्लंघन करने पर जुर्माना भरने में सक्षम हैं जबकि ग़रीब तबके के लोग जल्दी शादी कर रहे हैं.

चीन की आबादी लगभग 1.3 अरब है जो विश्व की आबादी का 20 प्रतिशत है.

1970 के दशक में चीन में परिवार नियोजन नीति शुरू की गई थी जो काफ़ी विवादित रही है. इसके मुताबिक शहरी इलाक़ो में लोग केवल एक ही बच्चे को जन्म दे सकते हैं और ग्रामीण इलाक़ों में दो बच्चों को.

लेकिन चीन में आर्थिक प्रगति का मतलब है कि कुछ अमीर दंपत्तियाँ इस नीति का पालन न करते हुए जुर्माने की क़ीमत चुकाने में सक्षम हैं.

सर्वेक्षण

पिछले महीने ही राष्ट्रीय जनसंख्या और परिवार नियोजन आयोग ने एक सर्वेक्षण किया था. इसमें पाया गया कि एक से ज़्य़ादा बच्चों वाले अमीर लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है. और इन लोगों में से करीब 10 फ़ीसदी लोगों के तीन बच्चे हैं.

उधर ग्रामीण इलाक़ों में भी लोग नियमों को तोड़ रहे हैं. चीन के संविधान के मुताबिक़ पुरुष 22 और महिलाएँ 20 की उम्र में शादी कर सकते हैं. साथ ही देर से विवाह करने और देर से माता-पिता बनने को बढ़ावा दिया जाता है.

लेकिन राष्ट्रीय जनसंख्या और परिवार नियोजन आयोग के अधिकारी के मुताबिक़ ग्रामीण इलाक़ों में अब भी कम उम्र में विवाह किया जाता है.

इसकी एक वजह पारंपरिक तौर पर बेटों को तरजीह दिया जाना बताया जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इसके चलते बच्चियों के जन्म के बारे में बताया नहीं जाता और न ही कन्या भ्रूण हत्या के बारे में.

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