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चीन का आबादी पर काबू का दावा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश चीन ने दावा किया है कि उसने परिवार नियोजन के कड़ी नीतियों के चलते उसे बड़ी सफलता मिली है. उसने कहा है कि इसके चलते पिछले तीन दशक में 40 करोड़ बच्चों के जन्म को रोका जा सका है. चीन के परिवार नियोजन मामलों के मंत्री ज़ैंग वीकिंग ने कहा है कि इस नीति से ज़्यादातर शहरी परिवार एक बच्चे और ग्रामीण परिवार दो ही बच्चों तक सीमित हो गए हैं. उनका कहना था कि इससे चीन ने परिवार नियोजन का वो लक्ष्य हासिल कर लिया है जिसे पाने में विकासशील देशों को एक शताब्दी का समय लगा. मंत्री का कहना था कि यदि इन चालीस करोड़ बच्चों के जन्म को नहीं रोका जाता तो लोगों को जो अपेक्षाकृत अच्छी जीवनशैली उपलब्ध है, वो संभव नहीं था. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन की सरकार अपने परिवार नियोजन की नीति में कोई बदलाव नहीं करने जा रही है क्योंकि इस समय चीन जन्मदर की नई चुनौती का सामना कर रहा है. मंत्री ने कहा कि यदि इस समय चीन की आबादी और बढ़ती है तो इससे चीन के संसाधनों और पर्यावरण पर दबाव बढ़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें आबादी के मुद्दे पर विभाजित मुस्लिम नेता14 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस जनगणना के 'संशोधित आँकड़े' जारी09 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस जनसंख्या रिपोर्ट बनी राजनीतिक मुद्दा07 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस 'भारत की आबादी चीन से अधिक होगी'18 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश की आबादी पाकिस्तान से ज़्यादा10 जुलाई, 2004 | भारत और पड़ोस बढ़ती आबादी से समस्याएँ-शीला दीक्षित12 अक्तूबर, 2003 को | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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