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बढ़ती आबादी से समस्याएँ-शीला दीक्षित
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का कहना है कि जिस तरह दिल्ली की आबादी बढ़ रही है उसके कारण जितना भी काम किया जाए, कम पड़ता है. 'आपकी बात बीबीसी के साथ' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने शिकायत की, ''दूसरे राज्य की सरकारें अपने राज्य के लोगों को रोज़ी-रोटी की तलाश में दिल्ली भेजकर अपनी समस्याएँ तो सुलझा ले रही हैं पर दिल्ली की समस्या बढ़ रही है.'' उनका कहना है कि समस्याओं को कम करने के लिए ज़रुरी है कि 'राजधानी क्षेत्र परियोजना' को गंभीरता से लिया जाए और उस पर अमल किया जाए. इस परियोजना के तहत हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे कई प्रदेशों को शामिल किया गया है. उन्होंने स्वीकार किया कि दिल्ली की यातायात से जुड़ी समस्याओं को लेकर कोई योजना नहीं बनाई गई है. दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 में मेट्रो रेल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दिल्ली की यातायात की समस्या से काफ़ी हद तक छुटकारा मिल जाएगा. उन्होंने एक श्रोता के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मेट्रो रेल के मामले में वे किसी तरह की राजनीति नहीं आने देंगीं. परिक्रमा रेल के बारे में उनकी राय थी कि यह बहुत सफल नहीं है. जब उनका ध्यान रेलवे स्टेशनों को जोड़ने वाली बसों की ओर दिलाया गया तो उन्होंने कहा कि इसकी कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है और यदि कोई सुझाव आया तो वे उस पर कार्रवाई करेंगीं. बिजली-पानी
लेकिन उनका कहना था कि आने वाले साल में बिजली की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा. पानी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने लगातार फ़ैलती दिल्ली को दोष देते हुए कहा कि अगले दो साल में दिल्ली की ज़रुरत के बराबर पानी मिल जाएगा. झुग्गी बस्तियों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या झुग्गी बस्तियों को नियमित करने का है क्योंकि उसके बिना सरकार कुछ नहीं कर सकती. दिल्ली की क़ानून व्यवस्था की स्थिति पर उन्होंने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की लेकिन लगातार हो रही बलात्कार की घटनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि क़ानून-व्यवस्था की नहीं बल्कि समाज से जुड़ी समस्या है. दिल्ली- केंद्र शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली की जनता जब वोट देती है तो उम्मीद करती है कि सारी समस्याएँ भी दिल्ली की सरकार ही निपटाएगी लेकिन यह संभव नहीं है. हालांकि उन्होंने ज़मीन के अधिकार का सवाल उठाया और कहा कि दिल्ली सरकार को और अधिकार दिए जाने चाहिए. लेकिन पाँच साल तक दिल्ली की सरकार चलाने के बाद शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली राज्य की सरकार और केंद्र सरकार के अधिकारों को अलग-अलग करना संभव नहीं है. उन्होंने माना कि केंद्र में कांग्रेस और भाजपा दोनों सरकारों ने दिल्ली सरकार के अधिकारों पर एक जैसा रवैया रखा है. बीबीसी हिंदी सेवा के लिए इस कार्यक्रम का संचालन नागेंदर शर्मा ने किया. |
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