|
'अमीरी-ग़रीबी की खाई कम करनी होगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने कहा है कि देश में ग़रीबों और अमीरों के बीच बढ़ती आर्थिक खाई को कम करने के लिए और क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है. वेन जियाबाओ ने कहा कि ऐसा ग्रामीण इलाक़ों पर ज़्यादा ध्यान देकर किया जा सकता है जो आर्थिक विकास की दौड़ में पिछड़ गए हैं. उन्होंने ये बात चीन के संसद की वार्षिक बैठक में कही. चीनी प्रधानमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं पर खर्च होने वाली राशि में 90 फ़ीसदी की वृद्धि होगी जबकि कृषि, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए भी धनराशि बढ़ाई जाएगी. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चीन में राजनेता चिंतित है कि इन सब क्षेत्रों में आ रही समस्याओँ से लोगों में ग़ुस्सा बढ़ता जा रहा है. अपने भाषण में वेन जियाबाओ ने कहा कि प्रदूषण और ऊर्जा खपत कम करने का लक्ष्य पिछले साल हासिल नहीं किया जा सका था और इसके लिए भी क़दम उठाने होंगे . इस वर्ष चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता हू जिंताओ के सत्ता में आने के पाँच वर्ष पूरे हो रहे हैं. पाँच वर्ष पूर्व वे चीन में अमीरों और ग़रीबों के बीच खाई को कम करने के वायदे के साथ सत्ता में आए थे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हालांकि चीन में आम चुनाव नहीं होते हैं लेकिन इसके बावजूद चीन में संसद का वजूद है. संवाददाता के मुताबिक करीब तीन हज़ार नियुक्त कार्यकर्ता बीजिंग में हर साल दो हफ़्तों के लिए मिलते हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यूँ तो संसद में विभिन्न मुद्दों पर बहस और चर्चा होनी चाहिए लेकिन कई सालों से चीनी संसद ने सरकार के एक भी क़दम को अस्वीकार नहीं किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की सालाना बैठक05 मार्च, 2007 | पहला पन्ना चीन ने की सैन्य खर्च में बढ़ोत्तरी04 मार्च, 2007 | पहला पन्ना चीन की सैन्य नीति पर चेनी की चिंता23 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'चीन प्रदूषण रोकने में विफल रहा'28 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||