|
चार देशों के सहयोग से चीन नाराज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन ने भारत, अमरीका, जापान और ऑस्ट्रेलिया से कहा है कि वो चौकड़ी बनाकर वैश्विक परिस्थितियों के विपरीत न जाएं बल्कि खुले विचारों के बने रहें क्योंकि ऐसे गुट बनाने से एशिया 'विभाजित ' हो सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि भारत, अमरीका जापान और ऑस्ट्रेलिया चार देश एक समूह बना रहे हैं जो विभिन्न स्तर पर सहयोग करेगा. संवाद समिति प्रेट्र के अनुसार इन चारों लोकतांत्रिक देशों के बीच बढ़ते संबंधों के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता किन गांग ने कहा ' चीन का मानना है कि विभिन्न देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने, सहयोग बढ़ाने और अच्छे माहौल के लिए वैश्विक रुख का समर्थन करना चाहिए. ' मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आ रही थीं कि चीन ने इस संबंध में भारत से जवाब तलब किया है. इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का न तो खंडन किया और न ही कुछ कहा. उन्होंने केवल इतना कहा कि उन्होंनें ऐसी रिपोर्टं देखी हैं. उल्लेखनीय है कि पिछले महीने 24-25 तारीख को चारों देशों के अधिकारियों की फिलीपींस की राजधानी मनीला में मुलाक़ात हुई थी और चारों देश आगे भी मुलाक़ातें करने पर राजी हुए थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चीन ने भारत से पूछा है कि इस बैठक का औचित्य क्या है. | इससे जुड़ी ख़बरें इथियोपिया में गोलीबारी में 74 मरे24 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना चीन ने चलाईं तेज़ रफ़्तार की रेलगाड़ियाँ19 अप्रैल, 2007 | विज्ञान चीन में जनसंख्या वृद्धि की चेतावनी07 मई, 2007 | पहला पन्ना अंतरिक्ष में चीन की एक और छलांग14 मई, 2007 | विज्ञान चीन की सैन्य तैयारियाँ अमरीका की चिंता25 मई, 2007 | पहला पन्ना रोज़गार देने में चीन से आगे भारत20 जून, 2007 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||