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महिलाओं के प्रति और सख़्त हुई ईरान पुलिस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान की पुलिस ने कहा है कि जो महिलाएँ कपड़े पहनने को लेकर देश में लागू क़ानूनों की अनदेखी करेंगी, उनसे सख़्ती से निपटा जाएगा. राजधानी तेहरान में देशभर की महिलाओं के लिए यह हिदायत स्थानीय मीडिया की मदद से जारी की गई. ईरान में कपड़े पहनने के तरीकों को लेकर सख़्त क़ानून लागू हैं पर पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ समय में कुछ महिलाएँ इसकी अनदेखी करती पाई गई हैं. तेहरान में पुलिस प्रमुख ने इस बाबत कहा कि 23 जुलाई से इन क़ानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिसकर्मियों की दोगुनी तादाद तैनात की जाएगी. उन्होंने कहा कि इन क़ानूनों की अनदेखी करना एक 'अनैतिक व्यवहार' है और इसे रोकने के लिए पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है. पुलिस प्रमुख ने बताया कि ईरान में लागू क़ानूनों के मुताबिक महिलाओं को सार्वजनिक रूप से सामने आने पर अपने बाल ढककर रखने चाहिए और उन्हें ढीले-लंबे कपड़े पहनने चाहिए पर कुछ महिलाएँ इसकी अनदेखी कर रही हैं. पुलिस प्रमुख ने इस मामले में पुरुषों को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि पुरुषों को भी अपने बालों की स्टाइल ऐसी ही रखनी होगी जो धार्मिक मूल्यों के अनुरूप हो. ग़ौरतलब है कि इसी वर्ष के अप्रैल महीने से अधिकारियों ने ड्रेस कोड को कड़ाई से देश में लागू करवाने का काम शुरू कर दिया है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ठीक से कपड़े न पहनने के आरोप में अबतक सैकड़ों महिलाओं को गिरफ़्तार किया जा चुका है और कुछ मामलों में तो पुलिस ने महिलाओं को पीटा भी है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'हिजाब ठीक से न पहनने पर जुर्माना'21 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना एशियाई क्या पहनें और क्या नहीं04 अगस्त, 2005 | आपकी राय 'हिजाब छोड़ा जा सकता है'04 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना सिख और एशियाई मुसलमान चिंतित 12 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना स्वतंत्रता, समानता और हिजाब22 दिसंबर, 2003 | पहला पन्ना अल जज़ीरा की प्रेज़ेंटर हिजाब में26 नवंबर, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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