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अल जज़ीरा की प्रेज़ेंटर हिजाब में
क़तर का अल जज़ीरा टीवी चैनल अपनी ख़बरों और अरब देशों में लोकप्रियता के कारण हमेशा चर्चा में रहा है. लेकिन इस बार चैनल की चर्चा दूसरे कारणों से हो रही है. मंगलवार को जब लोगों ने टीवी सेट खोला, तो अल जज़ीरा की स्टार प्रेज़ेंटर ख़दिजा बेन गना को एक नए रूप में देखा. आम तौर पर आधुनिक वेश-भूषा में नज़र आने वाली गना को उन्होंने ईद के एक दिन पहले हिजाब में देखा. और उसके बाद तो चैनल के दफ़्तर में फ़ोन कॉल की बाढ़ सी आ गई कि क्या कंपनी ने अपनी नीति में ऐसा कोई परिवर्तन किया है जिससे यह सब हो रहा है. अल्जीरिया की पत्रकार और स्टार प्रेज़ेंटर ख़दिजा बेन गना ने स्पष्ट किया है कि यह उनका ख़ुद का फ़ैसला है, जिसके बारे में वे तीन साल से सोच रही थीं. गना ने कहा, "चैनल के निदेशक मंडल का विचार था कि यह निजी मामला है और यह आकलन पेशेवर आधार पर किया जाएगा." हिचकिचाहट सच यह भी है कि दो साल पहले हिजाब पहनकर उनका स्क्रीन टेस्ट हुआ था, लेकिन उन्होंने इस रूप में स्क्रीन पर आने में हिचकिचाहट व्यक्त की थी. अब गना ने नए रूप में आने का फ़ैसला किया. लेकिन किसके प्रभाव में.
गना का कहना है कि यह महत्वपूर्ण फ़ैसला उन्होंने मिस्र के एक इस्लामी प्रचारक उमर अब्दुल कैफ़ी से मिलने के बाद किया. कैफ़ी ने अल जज़ीरा के एक कार्यक्रम 'शरिया एंड लाइफ़' में हिस्सा लिया था. अल जज़ीरा चैनल अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका की सैनिक कार्रवाई के दौरान पहली बार चर्चा में आया था. इराक़ युद्ध के दौरान भी उसकी लोकप्रियता में बढ़ोत्तरी हुई. लेकिन साथ में विवाद भी जुड़े. उस पर हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप भी लगे. सितंबर में अल जज़ीरा के एक स्टार रिपोर्टर तैसिर अलोयूनी स्पेन में इस आरोप में गिरफ़्तार कर लिए गए कि उनका संबंध एक 'आतंकवादी संगठन' से है और वे अल क़ायदा से संबंध बढ़ाने के लिए कई बार काबुल दौरा कर चुके हैं. बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया. |
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