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ब्रिटेन में दो 'संदिग्ध' रिहा किए गए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन पुलिस ने पिछले दिनों के विफल बम हमलों की कोशिश के सिलसिले में हिरासत में लिए गए संदिग्धों में से दो को रविवार को रिहा कर दिया है. पिछले दिनों यानी 29 और 30 जून को ब्रिटेन में तीन चरमपंथी हमलों की कोशिश की गई जिन्हें नाकाम कर दिया गया था. लंदन और ग्लासगो में विफल हमलों की साजिश रचने के आरोप में कुल आठ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया था. इनमें से सात संदिग्ध ब्रिटेन में हिरासत में लिए गए थे जबकि एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति को ऑस्ट्रेलिया में हिरासत में लिया गया था. इससे पहले 12 जुलाई को ब्रिटेन पुलिस एक संदिग्ध को पहले ही रिहा कर चुकी है. रविवार को रिहा किए गए दोनों लोग पुरुष हैं और इनमें से एक की उम्र 28 वर्ष है जबकि दूसरे की उम्र 25 वर्ष है. इन धमाकों के सिलसिले में अभी तक तीन लोगों के ख़िलाफ़ आरोप तय हो चुके हैं. इनमें से एक अभियुक्त ऑस्ट्रेलिया में हैं. अभियोग इन विफल हमलों के संबंध में छह जुलाई को इराक़ी डॉक्टर बिलाल अब्दुल्लाह पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया था. इसके बाद 14 जुलाई को भारतीय मूल के चिकित्सक मोहम्मद हनीफ़ के ख़िलाफ़ एक चरमपंथी संगठन को सहयोग देने का आरोप लगाया गया. वहीं 36 वर्षीय डॉक्टर सबील अहमद पर भी आतंकवाद निरोधक क़ानून के तहत आरोप लगाए गए हैं. सबील को सोमवार को लंदन की एक अदालत में पेश किया जाएगा. ग्लासगो से हिरासत में लिए गए कफील अहमद अभी भी अस्पताल में हैं. ग्लासगो हमले की कोशिश में उनका शरीर बुरी तरह जल गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें हनीफ़ की पत्नी ने प्रधानमंत्री से अपील की15 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस सबील और हनीफ़ के ख़िलाफ़ आरोप तय 14 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना हनीफ़ पर आरोप तय, अदालत में पेशी13 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना ब्रिटेन: एक संदिग्ध के ख़िलाफ़ आरोप तय07 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना लंदन धमाके में एक भारतीय गिरफ़्तार03 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना हमले के आत्मघाती होने के संकेत01 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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