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दुनिया के नौ शहरों में हो रहा है लाइव अर्थ कॉन्सर्ट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दुनिया भर के नौ प्रमुख शहरों में शनिवार को 'लाइव अर्थ कॉन्सर्ट' यानी संगीत समारोह का आयोजन किया जा रहा है. सिडनी और टोक्यो में कॉन्सर्ट हुआ और इसके बाद अन्य शहरों में भी ये कॉन्सर्ट हुए. इस दौरान क़रीब 150 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. 'लाइव अर्थ कान्सर्ट' की सीरीज़ का आयोजन पूर्व अमरीकी उप राष्ट्रपति अल गोर कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह एक वैश्विक समस्या के प्रति वैश्विक पहल है. सिडनी में कॉन्सर्ट की शुरुआत पारंपरिक नृत्य से हुई. उसके बाद वीडियो स्क्रीन पर अल गोर प्रकट हुए और कॉन्सर्ट की सीरीज़ की शुरुआत की. सिडनी में 'क्राउडेड हाउस' बैंड ने अपने नए एलबम 'टाइम ऑन अर्थ' के गीतों से समां बांध दिया. इसके अलावा जैक जॉनसन और ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री टोनी कॉलेट्टे ने अपने बैंड 'द फ़िनिश' के साथ प्रदर्शन किया. टोक्यो में कॉन्सर्ट की शुरुआत जेनकी रॉकेट्स बैंड के कार्यक्रम से हुई. यहाँ पर अल गोर का बड़ा सा पोस्टर लगा है, जिस पर लिखा है, ''यह पृथ्वी के घावों पर मरहम लगाने का समय है.'' जापानी गायिका अयाका ने लोगों से अपील की कि वे जो भी कर सकते हैं करें. उन्होंने कहा, ''हम छोटी-छोटी चीज़ों से शुरुआत कर सकते हैं. मैं 'इको बैग' लेकर निकलने लगी हूँ ताकि प्लास्टिक की थैली का इस्तेमाल न करना पड़े.'' आयोजन पर सवाल इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग, लंदन, शंघाई, हैम्बर्ग और वाशिंगटन में भी कलाकारों ने पर्यावरण के प्रति जागरूगता पैदा करने के लिए कार्यक्रम पेश किया. अब अंतिम दो शहरों न्यू जर्सी और रियो द जनेरियो में अर्थ कॉन्सर्ट चल रहा है.
कुछ हलकों में इस तरह के कॉन्सर्ट पर ही सवाल उठाए जा रहे हैं. इसके आलोचकों का कहना है कि रॉक स्टारों के हवाई जहाज से आने-जाने, कार्यक्रमों के लिए की गई बिजली की खपत से ऊर्जा से संरक्षण के बारे में क्या संदेश जाएगा? मानवीय गतिविधियों का पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को नापने के लिए बनी संस्था कार्बन फूटप्रिंट के प्रबंध निदेशक जॉन बकले कहते है, ''पॉप स्टारों को अब तो समझना चाहिए कि इससे पर्यावरण को नुकसान ही पहुँचा होगा.'' उन्होंने कहा, ''इस तथ्य को समझते हुए उन्हें अपने आप में बदलाव लाने चाहिए.'' लाइव ऐड और लाइव-8 कॉन्सर्ट करा चुके बॉब गेलडोफ़ कहते हैं, ''यह कार्यक्रम ही उद्देश्य रहित है. लोगों को ग्लोबल वार्मिंग के ख़तरों के बारे में पहले से पता है.'' दूसरी तरफ़ आयोजकों का कहना है कि वे कार्यक्रमों को पर्यावरण के अनुकूल रख रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पूरी झील ही ग़ायब हो गई04 जुलाई, 2007 | विज्ञान बढ़ते मरुस्थल का असर करोड़ों पर28 जून, 2007 | विज्ञान जलवायु पर प्रस्ताव अमरीका को नामंज़ूर06 जून, 2007 | पहला पन्ना पिघलती बर्फ़ है सबसे ज्वलंत मुद्दा05 जून, 2007 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन को लेकर योजना 03 जून, 2007 | पहला पन्ना उत्सर्जन कम करने का मसौदा ख़ारिज26 मई, 2007 | पहला पन्ना गैस सोखने की क्षमता ख़तरे में17 मई, 2007 | विज्ञान चीन के सामने पर्यावरण की कठिन चुनौती08 मई, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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