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मलिकी ने अमरीकी छापे की निंदा की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने सद्र सिटी में अमरीकी सेना के छापों की आलोचना की है. स्थानीय लोगों के अनुसार इसमें आम नागरिक मारे गए हैं जबकि अमरीकी सेना का कहना है कि छापे में 26 चरमपंथियों की मौत हुई है. प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के कार्यालय से आए एक बयान में कहा गया है कि अभियान से पहले सरकार से सलाह-मशविरा नहीं किया गया था. अमरीकी सेना का कहना है कि वो शिया बहुल सद्र सिटी में एक विशेष स्थान को निशाना बना रही थी जहाँ कथित तौर पर ईरान से हथियार आते थे. लेकिन इराक़ी प्रधानमंत्री के बयान में कहा गया है, "इराक़ सरकार की अनुमति के बगैर चलाए गए अमरीकी अभियानों की सरकार निंदा करती है." सरकार ने अब अमरीका के नेतृत्व में हुए इस छापे के बारे में जवाब तलब किया है. इस छापे में विशेष इराक़ी सुरक्षा बल भी शामिल था. बयान के मुताबिक अभियान में हिस्सा लेने के लिए इराक़ी सुरक्षा बलों को सरकार से अनुमति लेनी होती है.. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये घटना पिछले वर्ष इराक़ सरकार और अमरीकी सेना के बीच हुई समस्याओं की याद दिलाती है. पिछले वर्ष नूरी अल मलिकी ने हस्तक्षेप कर बग़दाद में चलाए अमरीकी सुरक्षा अभियान को रुकवाया था. अमरीकी कमांडरों का कहना था कि बग़दाद में अभियान के विफल होने का एक कारण इराक़ सरकार की ओर से होने वाला हस्तक्षेप था. उस समय भी सबसे ज़्यादा मतभेद सद्र सिटी को लेकर ही हुए थे. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक इराक़ सरकार के इस क़दम को सु्न्नी समुदाय के लोग शियाओं का पक्ष लेने के रूप में देखेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें हमलों में सुन्नी नेताओं समेत 30 की मौत25 जून, 2007 | पहला पन्ना बक़ूबा में कार्रवाई, 41 चरमपंथी मारे गए21 जून, 2007 | पहला पन्ना बग़दाद में बम हमला, 75 की मौत19 जून, 2007 | पहला पन्ना प्राचीन अल-अस्करी मज़ार में विस्फोट13 जून, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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