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अब्बास के समर्थन में बुश और ओल्मर्ट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने इस्लामी संगठन हमास के ख़िलाफ फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास का पुरज़ोर समर्थन किया है. वाशिंगटन ओल्मर्ट के साथ वार्ताओं से पहले आयोजित पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अब्बास उदारवादियों की आवाज़ हैं सभी फ़लस्तीनियों के असली राष्ट्रपति हैं. बुश और ओल्मर्ट का कहना था कि फ़लस्तीनी इलाक़ों में अब्बास उदारवाद की आवाज़ हैं. ओल्मर्ट ने हमास की ''क्रूरता'' की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वो अब्बास से लगातार मिलने को भी तैयार हैं. बुश और ओल्मर्ट दोनों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वो एक राष्ट्र के तौर पर फ़लस्तीन की स्थापना का समर्थन करते हैं. बुश का कहना था ' हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति अब्बास और प्रधानमंत्री सलाम फय्यद इतने मजबूत होंगे कि वो फ़लस्तीनियों को एक नई दिशा दिखा सकेंगे. ' पत्रकार सम्मेलन के बाद दोनों नेताओं के बीच क़रीब नब्बे मिनट की बातचीत हुई लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों के बीच किन मुद्दों पर वार्ता हुई है. ग़ज़ा में हमास के प्रवक्ता का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच हमास को नष्ट करने के बारे में बातचीत हुई है. इससे पहले पत्रकार वार्ता में ओल्मर्ट ने उम्मीद जताई कि ग़ज़ा पर हमास के नियंत्रण के बाद पश्चिमी तट में गठित आपातकालीन कैबिनट अपना काम सुचारु रुप से करेगी और इस सरकार को मजबूत किया जाएगा. प्रधानमंत्री ओल्मर्ट ने कहा कि वो राष्ट्रपति अब्बास के साथ हर स्तर पर सहयोग करने का पूरा प्रयास करेंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फ़लस्तीनियों को शांति हासिल करने के लिए सुरक्षा के क्षेत्र में काफी कुछ करना होगा. बीबीसी के साथ एक बातचीत में इसराइल के कार्यवाहक रक्षा मंत्री जनरल इफराएम स्नेह ने कहा कि अब शांति समझौते के लिए महत्वपूर्ण बातचीत करने का समय आ गया है और इस समय इसराइल में बहुमत शांति स्थापना के पक्ष में है. ग़ज़ा में राहत सामग्री
इस बीच ग़ज़ा में पिछले हफ्ते हमास का नियंत्रण होने के बाद पहली बार भोजन और अन्य सामग्री पहुचाई गई है. संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम ने इसराइल से ग़ज़ा पट्टी में भोजन से लदे नौ ट्रक भेजे हैं. आठ दिनों में राहत सामग्री की यह पहली खेप है. इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी के कई फ़लस्तीनियों को इलाज के लिए इसराइली अस्पतालों में जाने की अनुमति भी दी है. हालांकि अभी भी इसराइल के नियंत्रण वाली इरेज़ सीमा पर कई फ़लस्तीनी फंसे हुए हैं. ये फ़लस्तीनी ग़ज़ा पट्टी में हमास के नियंत्रण के बाद ग़ज़ा छोड़कर जाना चाह रहे हैं लेकिन इसराइल ने उन्हें अपनी सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी है. इससे पहले इसराइली टैंक ग़ज़ा में प्रवेश कर चुके हैं जिसके बारे में इसराइली सेना का कहना है कि इरेज़ सीमा चौकी को बचाने और स्थिति पर नियंत्रण रखने की कवायद के तहत ऐसा किया गय ाहै. सोमवार को इरेज़ चौकी पर हुई गोलीबारी में एक फ़लस्तीनी की मौत हो गई थी और कुछ अन्य लोग घायल हो गए थे. उधर हमास के नेताओं ने ग़ज़ा में अपने कैबिनेट की बैठक की. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति अब्बास ने हमास के नेतृत्व वाली कैबिनेट को भंग कर दिया है लेकिन हमास का कहना है कि वो चुनावों में जीत कर आए हैं इसलिए उनकी सरकार को बर्खास्त नहीं किया जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़तह के बंदूकधारियों ने संसद पर धावा बोला16 जून, 2007 | पहला पन्ना 'बिना हमास वाली सरकार को सहायता'16 जून, 2007 | पहला पन्ना प्रभुत्व जमाने की अब्बास की कोशिश17 जून, 2007 | पहला पन्ना 'बगैर हमास वाली सरकार का स्वागत'17 जून, 2007 | पहला पन्ना नई फ़लस्तीनी सरकार ने शपथ ली17 जून, 2007 | पहला पन्ना यूरोपीय संघ आर्थिक मदद बहाल करेगा18 जून, 2007 | पहला पन्ना हमास से बातचीत करने का आग्रह18 जून, 2007 | पहला पन्ना अमरीका आर्थिक मदद शुरु करेगा18 जून, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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