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प्रभुत्व जमाने की अब्बास की कोशिश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी क्षेत्रों में अपना प्रभुत्व स्थापित करने के लिए फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास ने आपातकालीन नई सरकार को शपथ दिलाई है और हमास समर्थक सेना पर प्रतिबंध लगा दिया है. नई सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं सलाम फ़य्याद. हमास के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय एकता सरकार में वित्त मंत्री रहे सलाम फ़य्याद ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता सुरक्षा है. पश्चिमी तट पर अभी भी महमूद अब्बास के फ़तह गुट का नियंत्रण है. लेकिन ग़ज़ा में हमास का नियंत्रण है. हमास वहाँ अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है. हमास ने नई सरकार को ग़ैर क़ानूनी कहा है. दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र के राहत कार्यों से जुड़े एक अधिकारी स्टुअर्ट शेफर्ड ने कहा है कि इसराइल से लगी ग़ज़ा की सीमा को खोलना चाहिए ताकि मानवीय सहायता भेजी जा सके. इसराइल ने ग़ज़ा को मिलने वाली ईंधन की आपूर्ति काट दी है लेकिन उसका कहना है कि वहाँ बिजली की सप्लाई जारी है. कुछ इसराइली अधिकारियों ने ग़ज़ा को अलग-थलग करने की मांग की है. लेकिन अन्य लोगों का कहना है कि इसराइल को मानवीय सहायता बहाल रखनी चाहिए. नई सरकार पश्चिमी तट के रमल्ला शहर में आयोजित एक समारोह में महमूद अब्बास ने नई अंतरिम सरकार को शपथ दिलाई, जिसमें हमास को शामिल नहीं किया गया है. नए प्रधानमंत्री सलामा फ़य्याद के सामने एक बड़ी चुनौती है हमास और फ़तह के बीच बढ़ती दरार. हालाँकि महमूद अब्बास और उनकी फ़तह पार्टी ने पश्चिमी तट के इलाक़े में अपना वर्चस्व बना लिया है लेकिन सलाम फ़य्याद का कहना है कि ग़ज़ा में हालात सामान्य करना उनकी प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने कहा, "मैं ग़ज़ा के लोगों से ये कहना चाहता हूँ कि आप लोग हमारे दिलों में है और हमारी योजनाओं में ग़ज़ा प्राथमिकता है. पिछले कई सालों से संघर्ष की आग में झुलसते ग़ज़ा के लोग अत्याचार, पीड़ा, और अपमान झेल रहे हैं लेकिन इन लोगों के हौसले को आज तक कोई तोड़ नहीं पाया. गज़ा के लोगो में एकता यूँ ही बरकरार रहनी चाहिए." फ़लस्तीनी इलाक़ों में अपना प्रभुत्व फिर से स्थापित करने के लिए महमूद अब्बास ने इसी समारोह में कई नए क़दमों की घोषणा भी की है जैसे हमास की सैन्य शाखा को ग़ैर क़ानूनी घोषित कर दिया है लेकिन ग़ज़ा में अभी हमास का नियंत्रण है. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि इस आदेश को लागू कर पाना अब्बास के अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात लगती है वैसे भी हमास ने इस नई सरकार को ग़ैर क़ानूनी घोषित कर दिया है. महमूद अब्बास ने अंतरिम प्रधानमंत्री सलाम फ़य्याद और उनके मंत्रिमंडल को इतने अधिकार दे दिए हैं कि कोई भी फ़ैसला लेते वक्त उन्हें संसद की मंज़ूरी लेने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. हमास के कई सांसद फ़िलहाल इसराइल की जेलों में बंद हैं. ये एक और बहुत बड़ा कारण है हमास के पास इस नये अंतरिम प्रशासन को ग़ैर क़ानूनी घोषित करने के लिए. लेकिन इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने अंतरिम सरकार का समर्थन करते हुए ये कहा है कि इस सरकार के साथ कूटनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की संभावनाएँ हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें नई फ़लस्तीनी सरकार ने शपथ ली17 जून, 2007 | पहला पन्ना 'बगैर हमास वाली सरकार का स्वागत'17 जून, 2007 | पहला पन्ना 'बिना हमास वाली सरकार को सहायता'16 जून, 2007 | पहला पन्ना फ़तह के बंदूकधारियों ने संसद पर धावा बोला16 जून, 2007 | पहला पन्ना हमास ने अब्बास से सुलह की पहल की15 जून, 2007 | पहला पन्ना ग़ज़ा में फ़तह के शीर्ष सैनिक कमांडर बंदी15 जून, 2007 | पहला पन्ना गज़ा पट्टी पर हमास का नियंत्रण14 जून, 2007 | पहला पन्ना अब्बास ने हमास की सरकार बर्ख़ास्त की 14 जून, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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