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हमास ने अब्बास से सुलह की पहल की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गज़ा पर नियंत्रण करने के बाद हमास के नेता ख़ालिद मशाल ने सुलह की पहल की है. उन्होंने फ़लस्तीनियों के हित में अपने प्रतिद्वंद्वी फ़तह गुट के नेता और फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास के साथ मिल कर काम करने की इच्छा जताई है. मशाल का कहना है कि हमास गज़ा पर क़ब्ज़ा करना नहीं चाहता था लेकिन वहाँ असुरक्षा की स्थिति को देखते हुए कोई और विकल्प भी नहीं था. हमास और फ़तह को राष्ट्रीय एकता की सरकार में शामिल होना था लेकिन पिछले हफ़्ते से ही दोनों गुटों के बीच भीषण हिंसक झड़पें शुरू हो गईं जिनमें सौ से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. नया प्रधानमंत्री महमूद अब्बास ने अपने वित्त मंत्री सलाम फ़य्याद को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है. गुरुवार को अब्बास ने हमास के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय एकता की सरकार को भंग कर दिया था. अब्बास ने सलाम फ़य्याद से आपातकालीन सरकार बनाने को कहा है. यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा ने महमूद अब्बास को नेता मानते हुए उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है.
दूसरी ओर हमास के प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया पहले ही आपातकाल की घोषणा और राष्ट्रीय एकता सरकार को भंग करने की महमूद अब्बास की घोषणा को ठुकरा चुके हैं. हमास का कहा है कि अंतरिम प्रशासन ग़ैर क़ानूनी है और उनका संगठन इस नियुक्ति को नहीं मानता. उधर ग़ज़ा पर नियंत्रण के बाद फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास ने कहा है कि उसने फ़तह के शीर्ष सैनिक कमांडरों को रिहा कर दिया है. ग़ज़ा में नियंत्रण के दौरान हमास ने फ़तह के कई शीर्ष सैनिक कमांडरों को बंदी बना लिया था. ग़ज़ा में नियंत्रण के लिए हमास और फ़तह में पिछले कई दिनों से भीषण लड़ाई चल रही थी. इस लड़ाई में सौ से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. ग़ज़ा पर हमास के नियंत्रण के बाद फ़तह के कई अधिकारी भाग कर मिस्र चले गए हैं. छवि महमूद अब्बास के प्रेस सलाहकार ने घोषणा की है कि सलाम फ़य्याद को चुनाव होने तक सरकार चलाने के लिए कहा गया है. सलाम फ़य्याद गुरुवार तक राष्ट्रीय एकता सरकार में वित्त मंत्री थे. विश्व बैंक के पूर्व कार्यकारी अधिकारी रह चुके सलाम फ़य्याद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते हैं और उनकी छवि भी साफ़-सुथरी है. वे किसी फ़लस्तीनी गुट से भी नहीं जुड़े हुए हैं. हाल के महीनों में कई विदेशी सरकारों ने हमास को दरकिनार कर आर्थिक सहायता के मुद्दे पर सीधे उनसे ही बातचीत की थी. दूसरी ओर ग़ज़ा पर हमास के नियंत्रण की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है. ग़ज़ा में फ़िलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है. हमास ने बंदी बनाए फ़तह के कई शीर्ष सैनिक कमांडरों को रिहा करने की घोषणा की है. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़तह की सरकार से हटने की धमकी13 जून, 2007 | पहला पन्ना हमास-फ़तह गुटों में फिर झड़पें, 14 मरे12 जून, 2007 | पहला पन्ना ग़ज़ा में इसराइल के ताज़ा हमले26 मई, 2007 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी गुटों में लड़ाई, आठ की मौत15 मई, 2007 | पहला पन्ना मध्य पूर्व में 'संघर्ष विराम समाप्त'24 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना हमास और फ़तह में फिर गोलीबारी30 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना गज़ा में बढ़ा गुटीय संघर्ष, 11 की मौत 26 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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