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फ़लस्तीनी गुटों में लड़ाई, आठ की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी गुटों हमास और फ़तह के कार्यकर्ताओं में ताज़ा हिंसा भड़कने की ख़बरें मिली हैं जिनमें कम से कम आठ लोग मारे गए हैं. ख़बरों के अनुसार चरमपंथी संगठन हमास के कुछ बंदूकधारियों ने ग़ज़ा-इसराइल सीमा के निकट फ़तह संगठन के समर्थक सैनिकों पर हमला किया है जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई. फ़तह समर्थक सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि हमास के बंदूकदारियों ने राष्ट्रपति के सुरक्षा गार्ड ट्रेनिंग कैम्प पर घात लगाकर किया. यह लड़ाई की करनी नामक सीमा चौकी के पास हुई और सीमा की रक्षा के लिए तैनात इसराइली सैनिकों ने भी गोलियाँ चलाईं. इसराइली सेना ने कहा है कि उसके सैनिकों ने कुछ ऐसे बंदूकधारियों पर गोलियँ चलाईं जो सीमा की तरफ़ बढ़ रहे थे. उधर हमास की तरफ़ से इस तरह की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि उसके लड़ाके इस लड़ाई में शामिल थे. स्थानीय लोगों का कहना है कि हमास के बंदूकधारियों ने जब तीन इसराइली सैनिकों को करनी प्रशिक्षण शिविर की तरफ़ बढ़ते देखा तो वे वहाँ से तुरंत पीछे हट गए. ख़बरों में कहा गया है कि यह लड़ाई तब शुरू हुई जब हमास के कुछ बंदूकधारियों ने राष्ट्रपति गारद के उस प्रशिक्षण शिविर में दाख़िल होने की कोशिश की जिसे फ़तह समर्थक सुरक्षा बल इस्तेमाल करते हैं. यही सुरक्षा बल करनी सीमा चौकी पर फ़लस्तीनी क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार हैं. गत रविवार से हमास और फ़तह गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच भड़की हिंसा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है. हाल के महीनों में इस लड़ाई को काफ़ी गंभीर माना जा रहा है. ग़ौरतलब है कि फ़तह संगठन फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास का समर्थक है और हमास ने 2006 में हुए चुनावों में जीतकर सरकार बनाई थी.
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार राष्ट्रपति गारद के प्रवक्ता अहमद कायसी ने कहा कि गारद अड्डे पर रॉकेट और मोर्टारों से हमला किया गया और हमले के बाद आसपास शव बिखरे देखे गए और अनेक वाहनों को भी नुक़सान हुआ. फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देने के लिए करनी सीमा चौकी के पास यह शिविर अमरीकी सहायता से बनाया गया था. प्रवक्ता अहमद कायसी ने कहा कि वहाँ पर तैनात सिपाहियों के पास हथियार नहीं हैं. उन्होंने कहा, "हम इस हमले को एक बड़ी भड़काऊ कार्रवाई मानते हैं और एक ऐसा अपराध जो निर्ममता से किया गया." प्रशिक्षण इस बीच ऐसी ख़बरें मिली हैं कि क़रीब 500 लड़ाकों वाला एक दल मिस्र से ग़ज़ा में दाख़िल हुआ है जिसे फ़तह का समर्थक माना जाता है. पश्चिमी देशों के राजनयिकों का कहना है कि इन लोगों को फ़तह संगठन के एक वरिष्ठ नेता मोहम्मद दहलान ने पुलिस प्रशिक्षण के लिए मिस्र भेजा था. फ़लस्तीनी सरकार का कहना है कि उसने हिंसा को रोकने के प्रयासों के तहत अपने तमाम सुरक्षा बलों में फेरबदल किया है और प्रशिक्षण भी दिया गया है. फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में मौजूद बीबीसी संवाददाता अलीम मक़बूल का कहना है कि अनेक मामलों में ऐसा ही हुआ है कि ख़ुद सुरक्षा बलों के सदस्य ही हिंसा में शामिल रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें झड़पों के बाद गज़ा में फिर 'समझौता'13 मई, 2007 | पहला पन्ना इसराइल ने गज़ा में मिसाइल दागे07 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना संघर्ष विराम के बावजूद ग़ज़ा में झड़पें 03 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना हिंसक झड़पों के बाद गज़ा में संघर्ष विराम03 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना हमास और फ़तह में समझौता19 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना हमास और फ़तह समर्थकों के बीच संघर्ष15 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री हानिया ग़ज़ा लौटे14 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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