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गुरुवार, 14 दिसंबर, 2006 को 22:48 GMT तक के समाचार
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फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री हानिया ग़ज़ा लौटे
इसमाइल हानिया
इसमाइल हानिया विदेश से ग़ज़ा लौट रहे थे
मिस्र से लगी सीमा के पास नाटकीय ढंग से घंटो रोके जाने के बाद फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया गज़ा वापस लौट आए हैं.

ख़बर मिली है कि इस दौरान हुई हिंसक झड़पों में हानिया के बेटे को गोली लग गई है पर वो बच गए हैं और उन्हें गंभीर चोटें नहीं आई हैं.

हानिया को इसराइली अधिकारियों ने मिस्र से लगी सीमा के पास एक नाके को बंद करके रोक लिया था ताकि वो ईरान से गज़ा वापस न लौट सकें.

हानिया घंटो सीमा पर ही रुके रहे. इस दौरान बातचीत और समझौते का सिलसिला चलता रहा जिसमें मिस्र की ओर से मध्यस्थता के बाद ही वो वापस लौट सके हैं.

बताया जा रहा था कि इस्माइल हानिया अपने साथ ईरान से तीन करोड़ डॉलर से भी ज़्यादा की नकद धनराशि लेकर आ रहे हैं.

हालांकि हानिया बिना पैसे के ही वापस लौट सके हैं. उन्हें यह रकम मिस्र की ओर ही छोड़ी पड़ी है.

इससे पहले इसराइल ने कहा था कि इस्माइल हानिया को गज़ा में तभी आने दिया जाएगा जब वो अपने साथ ला रहे करोड़ों डॉलर की धनराशि को मिस्र में ही छोड़ दें.

इसराइल का कहना है कि यह धनराशि उसके ख़िलाफ़ चलाए जा रहे चरमपंथी अभियान में इस्तेमाल किए जाने के लिए लाई जा रही थी.

विवाद

उल्लेखनीय है कि इसराइल सहित अमरीका और यूरोपीय संघ भी हमास को एक चरमपंथी संगठन मानते हैं.

हानिया के रोके जाने के बाद इसराइली रक्षा मंत्री आमिर पेरेट्ज़ ने यूरोपीय संघ अधिकारियों से कहा है कि रफ़ाह चौकी बंद कर दी जाए.

वहीं हमास के कार्यकर्ता इस बात से काफ़ी नाराज़ थे कि इस्माइल हानिया को रोक लिया गया है. उन्होंने सुरक्षा बलों से झड़प भी की.

एपी समाचार एजेंसी के मुताबिक चौकी पर तैनात फ़लस्तीनी प्रेसिडेंशियल गार्ड ने हमास कार्यकर्ताओं पर गोलीबारी की.

इस गोलीबारी के दौरान ही हानिया के बेटे को गोली लग गई थी. हालांकि वो इस गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल नहीं हुए हैं.

कई देशों ने आर्थिक प्रतिबंध भी लगा रखे हैं लेकिन हमास के कई अधिकारी लाखों डॉलर की धनराशि दूसरे देशों से फ़लस्तीनी क्षेत्रों में लाते रहे हैं ताकि इन आर्थिक प्रतिबंधों से उबरा जा सके.

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