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ऑल्मर्ट के बयान से परमाणु मुद्दा गरमाया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ऑल्मर्ट ने ऐसा मानने के संकेत दिए हैं कि उनके देश के पास परमाणु हथियार हैं. जर्मनी के एक टेलीविज़न चैनल पर बातचीत के दौरान उन्होंने इस बात के संकेत दिए. इसे बाद में इसराइली मीडिया ने भी दिखाया है. अपने बयान में इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा है कि इसराइल किसी भी देश को किसी भी चीज़ से नहीं डराता है पर ईरान के मामले में ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान खुले तौर पर इसराइल को नक्शे से ही मिटा देने की धमकी देता रहा है. उनका कहना था कि ईरान की कोशिश रही है कि वो भी अमरीका, फ्रांस, इसराइल और रूस की तरह परमाणु हथियार संपन्न बने. 'इसराइली नीति में बदलाव नहीं' इसराइली अधिकारियों ने बाद में इस बात का खंडन किया कि प्रधानमंत्री एहुद ऑल्मर्ट की टिप्पणी इसराइल की परमाणु मुद्दे पर अस्पष्टा बनाए रखने की नीति में किसी तरह के बदलाव का सूचक है. अधिकारियों का कहना था कि इसराइल अब भी इस बात पर कायम है कि वह मध्य पूर्व में परमाणु हथियार लाने वाला पहला देश नहीं होगा. प्रधानमंत्री एहुद ऑल्मर्ट ने सैट-1 टीवी को बताया, "इसराइल एक लोकतंत्र है. उसने कभी भी किसी देश को किसी भी हथियार से नहीं डराया और न ही कभी ऐसा करेगा. हमने ज़्यादा से ज़्यादा ये किया है कि हम आतंक के भय के बिना रह सकें." प्रधानमंत्री एहुद ऑल्मर्ट की प्रवक्ता ने कहा कि इसराइल का रवैया वही है कि वह इस मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा नहीं करता. इसराइल में प्रधानमंत्री एहुद ऑल्मर्ट की टिप्पणी पर बवाल शुरु हो गया है और कुछ सांसदों ने तो प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की माँग भी की है. पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस साक्षात्कार से मध्य पूर्व में परमाणु हथियारों की बहस और गरम हो जाएगी. ग़ोरतलब है कि नए अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने हाल में ऐसी ही शब्दावली का इस्तेमाल किया था. उनका कहना था, "ईरान के आसपास परमाणु हथियार सशक्त ताकतें है : पूर्व में पाकिस्तान, उत्तर में रूस, पश्चिम में इसराइल और खाड़ी में हम." ग़ौरतलब है कि इसराइल इस मसले पर लंबे समय से कोई स्पष्ट रुख़ सामने रखने से बचता रहा है. इसराइल ने कभी स्वीकार नहीं किया है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं और न ही उसने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए हैं. समझा जाता है कि इसराइल का परमाणु कार्यक्रम 1950 के दशक में शुरु हुआ था और तब से इसराइल पूरी तरह परमाणु क्षमता संपन्न देश बन चुका है. कहा जाता है कि उसके पास क़रीब दो सौ परमाणु अस्त्र हैं, जिन्हें वह दूर तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से या अति आधुनिक लड़ाकू विमानों से दाग़ सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीन के पक्ष में प्रस्ताव02 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनियों के साथ शांति का प्रस्ताव27 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना क्लस्टर बम मामले की जाँच होगी21 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना इसराइल को ब्रितानी परमाणु मदद04 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना इसराइल 'परमाणु मुक्त क्षेत्र' के पक्ष में08 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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