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गुरुवार, 17 मई, 2007 को 08:34 GMT तक के समाचार
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आधी सदी बाद दोनों कोरिया...
कोरियाई ट्रेन
दक्षिण कोरिया ने ट्रेन चलाने की तैयारियाँ की हैं
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच पचास साल में पहली बार ट्रेनों का आना-जाना शुरु हो रहा है.

दोनों देशों की सीमा पर अभी भी सेना की भारी भरकम तैनाती है.

एक ट्रेन उत्तर कोरिया से चलेगी और दूसरी दक्षिण कोरिया से और दोनों में 150 यात्री होंगे. सौ दक्षिण कोरियाई और पचास उत्तर कोरियाई.

पाँच डिब्बों वाली ये ट्रेनें 25 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी.

दोनों देशों के बीच रेल संपर्क ऐसे समय में फिर से स्थापित हो रहा है जब दोनों के बीच तनाव अभी ख़त्म नहीं हुआ है.

तकनीकी रुप से देखें तो दोनों के बीच युद्ध जारी है क्योंकि 1953 के कोरियाई युद्ध को लेकर औपचारिक युद्ध विराम अभी भी नहीं हुआ है.

दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री ली जाए-जून ने कहा, "यह सिर्फ़ परीक्षण ट्रेनें नहीं हैं, यह रूकी हुई ख़ून की धारा को फिर से प्रवाहित करने जैसा है."

उधर उत्तर कोरिया के अधिकारी क्वोन हो-उंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता को पटरी से नहीं उतरना चाहिए.

रिश्ते में सुधार

दक्षिण कोरिया इस बीच उत्तर कोरिया से संबंध सुधारने के बहुत से प्रयास कर रहा है और रेल संपर्क को दक्षिण कोरिया में ऐसे ही एक प्रयास के रुप में देखा जा रहा है.

हालांकि दक्षिण कोरिया ने सीमापार से कई बार ट्रेनों की आवाजाही का प्रस्ताव रखा था लेकिन फ़िलहाल उत्तर कोरिया सिर्फ़ परीक्षण के लिए तैयार हुआ है.

ट्रेन उसी सीमा से पार होगी जिसमें अभी भी भारी संख्या में बारूदी सुरंग बिछी हुई है और जहाँ अक्सर दोनों देशों के बीच झड़पें हो जाया करती हैं.

दोनों देशों के बीच चार किलोमीटर का क्षेत्र विसैन्यीकृत क्षेत्र है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र की इस सीमा को उत्तर कोरिया नहीं मानता.

फ़ायदे की उम्मीद

ट्रेनें दो अलग पटरियों पर दौड़ेंगी और इन दोनों की ही देखरेख दक्षिण कोरिया कर रहा है.

 दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया को इस रेल संपर्क के बदले आठ करोड़ डॉलर का ऐसा सामान देने का वादा किया है जिससे उत्तर कोरिया के छोटे उद्योंगों को फ़ायदा होगा

इनका निर्माण हाल ही में किया गया है.

रेल संपर्क स्थापित करने के प्रयास इससे पहले भी हुए थे लेकिन वे असफल हो गए थे.

उम्मीद की जा रही है कि रेल संपर्क स्थापित होने से दोनों देशों को फ़ायदा होगा.

दक्षिण कोरिया को लगता है कि वह उत्तर कोरिया में उपलब्ध सस्ते मज़दूरों का उपयोग करके अपना उत्पादन बढ़ा सकता है और अपना निर्यात बढ़ा सकता है.

उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया को इस रेल संपर्क के बदले आठ करोड़ डॉलर का ऐसा सामान देने का वादा किया है जिससे उत्तर कोरिया के छोटे उद्योंगों को फ़ायदा होगा.

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