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'एचआईवी ग्रस्त आप्रवासियों पर रोक' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने कहा है कि एचआईवी ग्रस्त आप्रवासियों या शरणार्थियों को देश में आने की अनुमति नहीं होनी चाहिए. जॉन हॉवर्ड ने कहा कि नियम के तहत एचआईवी ग्रस्त लोगों को ऑस्ट्रेलिया में आने नहीं दिया जाना चाहिए लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में अपवाद हो सकता है. ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत में एचआईवी मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है. विक्टोरिया के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि इसके लिए आंशिक तौर पर आप्रवासी ज़िम्मेदार हैं और आंशिक तौर पर वे ऑस्ट्रेलियाई जो देश के दूसरे इलाक़ों से यहाँ आ रहे हैं. लेकिन एचआईवी ग्रस्त आप्रवासियों के आने पर रोक लगाने के लिए केंद्रीय क़ानून में बदलाव की ज़रूरत होगी. जॉन हॉवर्ड ने एक रेडियो स्टेशन से बातचीत में कहा कि वे इस मुद्दे पर और सलाह लेना चाहते हैं. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने एचआईवी संबंधी प्रस्तावित रोक को टीबी से पीड़ित लोगों पर लगी रोक से जोड़ा है. लेकिन एक ऑस्ट्रेलियाई अख़बार के मुताबिक राष्ट्रमंडल देशों के चिकित्सा अधिकारी ने कहा है कि एचआईवी ग्रस्त लोग सार्वजनिक स्वास्थ के हिसाब से चिंता का विषय नहीं है. ऑस्ट्रेलिया में 2000 और 2005 के बीच एचआईवी संक्रमण में 41 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें कामगार हैं एड्स के सबसे बड़े शिकार01 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र एड्स घोषणापत्र पर सवाल 02 जून, 2006 | पहला पन्ना ऑस्ट्रेलिया चीन को यूरेनियम देगा03 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना ऑस्ट्रेलिया में आतंकवाद पर क़ानून पास27 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना जॉन हॉवर्ड चौथी बार चुनाव जीते09 अक्तूबर, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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