|
जॉन हॉवर्ड चौथी बार चुनाव जीते | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड चौथी बार चुनाव जीत गए हैं. हॉवर्ड के नेतृत्व वाले लिबरल नेशनल गठबंधन को शनिवार को मतदान में 70 प्रतिशत मिले और लेबर पार्टी पर इस गठबंधन की यह आसान जीत रही. उन्होंने इस जीत पर ख़ुशी का इज़हार करते हुए अपने समर्थकों से कहा, "मैं सचमुच इस जीत पर गदगद हूँ कि लोगों ने हमारे गठबंधन में इतना भरोसा जताया है." हालाँकि यह चुनाव शुद्ध रूप से घरेलू मुद्दों पर लड़ा गया लेकिन इराक़ के मुद्दे पर कुछ मतभेदों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र भी इस चुनाव पर थी. हॉवर्ड के प्रतिद्वंद्वी मार्क लैथम ने इराक़ से ऑस्ट्रेलियाई सैनिक वापस बुलाने का वादा किया था. लेबर पार्टी के अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए लैथम ने कहा, "आज का दिन हमारा नहीं था." उन्होंने एक ताक़तवर विपक्ष की भूमिका निभाने का आहवान किया. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने हॉवर्ड की जीत पर उन्हें बधाई देते हुए कहा, "मेरे प्यारे दोस्त जॉन हॉवर्ड ने शानदार जीत हासिल की है." लगातार चौथी बार चुनाव जीतने के बाद हॉवर्ड सबसे ज़्यादा लंबे समय तक देश के नेता रहे रॉबर्ट मेन्ज़ीज़ के बाद दूसरे नेता बन गए हैं. रॉबर्ट मेन्ज़ीज़ ही जॉन हॉवर्ड के राजनीतिक हीरो रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में मतदान अनिवार्य है और शनिवार को भी सभी लोग मतदान के लिए आए. सिडनी में तो एक मतदाता तैराकी के सूट में ही मतदान केंद्र पर आया और फिर वहाँ से सीधे समुद्र किनारे सैर के लिए चला गया. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||