|
हॉवर्ड सरकार की आलोचना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया में एक जाँच समिति ने कहा है कि हॉवर्ड सरकार ने अपुष्ट और अधूरी ख़ुफिया सूचनाओं के आधार पर इराक़ युद्ध में शामिल होने का फ़ैसला किया. लेकिन पूर्व ख़ुफ़िया अधिकारी और राजनयिक फ़िलिप फ़्लड की रिपोर्ट में प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड को इन आरोपों से बरी कर दिया गया है कि उन्होंने ख़ुफ़िया सूचनाओं का राजनीतिक उपयोग किया. इस तरह ऑस्ट्रेलियाई जाँच रिपोर्ट अमरीका और ब्रिटेन में कराई गई जाँच की रिपोर्टों से मिलती-जुलती है. तीनों सरकारों ने इराक़ में महाविनाश के हथियार नहीं पाए जाने के मद्देनज़र पड़ते दबावों के चलते जाँच समितियों का गठन किया था. पिछले साल इराक़ में अमरीका की अगुआई वाली हमलावर सेना में ऑस्ट्रेलिया के दो हज़ार सैनिक शामिल थे. व्यापक पूछताछ इस समय 900 से ज़्यादा ऑस्ट्रेलियाई सैनिक इराक़ में तैनात हैं. फ़्लड जाँच समिति का इस साल मार्च में गठन किया गया था. फिलिप फ़्लड ने अन्य लोगों के अलावा प्रधानमंत्री हॉवर्ड, विदेश मंत्री अलेक्ज़ेंडर डॉनर और रक्षा मंत्री रॉबर्ट हिल से भी बातचीत की थी. जाँच समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया को पूर्वी एशिया में सक्रिय संगठन जेमा इस्लामिया के चरमपंथियों के बारे में और जानकारी रखनी चाहिए. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||