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ऑस्ट्रेलिया में आतंकवाद पर क़ानून पास | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया की संघीय सरकार ने कड़े आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिए नए सख़्त क़ानून लागू करने पर देश के विभिन्न प्रांतों के नेताओं की सहमति हासिल कर ली है. प्रांतों के नेताओं ने कहा है कि वे नए आतंकवाद विरोधी क़ानूनों का समर्थन करेंगे, बदले में प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने वादा किया है कि इन क़ानूनों की पाँच साल के बाद समीक्षा की जाएगी. नए क़ानूनों के तहत आतंकवादी गतिविधियों के संदिग्ध लोगों को बिना आरोप निर्धारित किए 14 दिन तक पुलिस हिरासत में रखा जा सकेगा. इसके अलावा अभियुक्तों पर एक साल तक नज़र रखी जा सकेगी. क्वींसलैंड प्रांत की सरकार के मुखिया पीटर बीएट्टी ने इन क़ानूनों को दमनकारी क़रार दिया लेकिन यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलियाइयों की सुरक्षा के लिए ये ज़रूरी हैं. कुछ मुस्लिम नेताओं ने आशंका व्यक्त की है कि इन क़ानूनों के कुछ प्रावधानों को उनके समुदाय के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया जा सकता है. ऑस्ट्रेलियाई इस्लामी मिशन के अध्यक्ष ज़कारिया मैथ्यूज़ ने स्थानीय मीडिया से कहा, "हम चिंतित हैं कि सरकार जो प्रस्ताव रख रही है उनसे यह संदेश मिल रहा है कि मुस्लिम समुदाय को निशाने पर रखा जा रहा है." 'ख़तरनाक हालात' प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने कहा कि वह यह गारंटी नहीं दे सकते कि ऑस्ट्रेलिया को आतंकवादी हमलों का सामना नहीं करना पड़ेगा लेकिन नए क़ानूनों से कुछ फ़ासला ज़रूर बन सकता है.
हॉवर्ड ने कहा, "बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति हुई है जिनसे देश की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी. हम बहुत ख़तरनाक हालात में रह रहे हैं और उनके मुक़ाबले के लिए एकजुटता की ज़रूरत है." नए क़ानूनों के तहत पुलिस को किसी को भी रोकने और तलाशी लेने के और ज़्यादा अधिकार दिए जाएंगे और देश के हवाई अड्डों पर एकीकृत कमांड बनाई जाएगी. जॉन हॉवर्ड ने कहा कि रसायनिक, जैविक, रेडियोधर्मी और परमाणु ख़तरों से निपटने के लिए भी एक रणनीति तैयार करने की ज़रूरत है. लेकिन हॉवर्ड इस प्रावधान पर भी सहमत हुए हैं कि ये क़ानून दस साल के बाद या तो वापस ले लिए जाएंगे, उनमें परिवर्तन होगा या उनका नवीनीकरण होगा. इस बीच पाँच साल बाद उनकी समीक्षा की जाएगी. संवाददाताओं का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया की संघीय सरकार हालाँकि क़ानून बना सकती है लेकिन उन्हें लागू कराने के लिए प्रांतीय सरकारों की मदद की ज़रूरत होती है. ऑस्ट्रेलिया ने शांति समय में अपने यहाँ किसी बड़े हमले का सामना नहीं किया है लेकिन 11 सितंबर 2001 को अमरीका पर हुए हमलों के बाद उसने भी सुरक्षा मज़बूत कर दी है. इंडोनेशिया के बाली द्वीप में 2002 में एक रात्रि क्लब में हुए बम विस्फोट में 88 ऑस्ट्रेलियाई मारे गए थे. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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