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भारत ने इंडोनेशिया के आरोप ख़ारिज किए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने इंडोनेशिया के इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया है कि अग्नि-III मिसाइल के परीक्षण से पहले उसके मार्ग के बारे में उसे सूचित नहीं किया गया. ग़ौरतलब है कि इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि गुरूवार, 12 अप्रैल को भारत के अग्नि III मिसाइल परीक्षण के कारण उसके एक विमान को अपना मार्ग बदलना पड़ा और वापस जकार्ता आना पड़ा. इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में भारत से स्पष्टीकरण भी मांगा. भारत ने क़रीब तीन हज़ार किलोमीटर की दूरी तक मार करने और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि III मिसाइल का सफल परीक्षण किया था. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "परीक्षण से एक सप्ताह पहले ही एक सूचना जकार्ता में एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल के अधिकारियों को भेज दी गई थी जिसमें मिसाइल के रास्ते सहित परीक्षण से संबंधित तमाम जानकारी दे दी गई थी." नवतेज सरना ने कहा कि इंडोनेशिया के एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल से अनुरोध किया गया था कि अग्नि मिसाइल के परीक्षण को देखते हुए सभी ज़रूरी उपाय किए जाएँ. नवतेज सरना ने यह भी कहा कि भारत का यह मिसाइल परीक्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बिल्कुल सुरक्षित था और भारत हमेशा ही अपने मिसाइल परीक्षणों में ज़रूरी सुरक्षा मानकों का पालन करता है. विमान लौटे समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्रिस्टियानो लेगोवो ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "आम तौर पर मिसाइल परीक्षणों के बारे में अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रैफिक संस्थानों को बताया जाता है लेकिन इस मामले में हमारे विमान को वापस लौटना पड़ा."
प्रवक्ता का कहना था, "हम इस संबंध में भारतीय राजदूत से स्पष्टीकरण मांग रहे हैं. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटना आगे न हो." उन्होंने कहा कि आम तौर पर मिसाइल परीक्षणों के बारे में अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन एसोसिएशन और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन को बताया जाता है जिसके बाद निर्धारित इलाक़े में विमान उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है. हालाँकि प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि अग्नि मिसाइल विमानों के कितने पास से गुज़रा था. इंडोनेशिया में इस घटना पर कई लोग टिप्पणी कर चुके हैं. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने विमान कंपनी के अभियान निदेशक अरी सपारी के हवाले से कहा है कि उन्हें भारत के अग्नि मिसाइल परीक्षण के बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा, "बहुत भ्रम की स्थिति बन गई थी. इसके कारण हमारे अतंरराष्ट्रीय विमान की उड़ान में फेर बदल भी करना पड़ा... हमें वित्तीय नुक़सान हुआ है." सपारी ने कहा कि घटना के बाद विमानों को चार घंटे की देरी से दोबारा रवाना किया गया. इंडोनेशिया के बोइंग 747 में 400 लोग सवार थे और ये लोग तीर्थयात्रा के लिए सऊदी अरब जा रहे थे. सपारी ने यह भी कहा कि इस विमान को दोबारा समय देने के कारण रियाद के लिए एक अन्य विमान की उड़ान में देरी हुई. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत ने ब्रह्मोस का सफल परीक्षण किया04 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारत में 'अस्त्र' मिसाइल का सफल परीक्षण25 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस अग्नि-III मिसाइल का सफल परीक्षण12 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'विमान दुर्घटना में एक व्यक्ति ज़िंदा बचा'27 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना विमान का मलबा मिला, 90 यात्री मारे गए01 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इंडोनेशिया में विमान दुर्घटना की जाँच शुरू07 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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