|
रुस ने ईरान का परमाणु ईंधन रोका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस ने कहा है कि वह निर्धारित योजना के अनुसार ईरान के पहले परमाणु संयंत्र के लिए ईंधन इस महीने नहीं दे रहा है. इसका कारण बताया गया है कि ईरान ने समय पर भुगतान नहीं किया है. ईरान में संयंत्र स्थापित कर रहे रूसी कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है कि इस महीने ईंधन के न आने से संयंत्र का सितंबर में शुरु होना टल जाएगा. रूस के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक ईरानी सांसद ने कहा है कि इससे दोनों देशों के संबंध को नुक़सान पहुँचेगा. भुगतान परमाणु संयंत्र ईरान के दक्षिणी हिस्से में बुशेहर शहर में बन रहा है. जो रुसी कंपनी इस संयंत्र को बना रही है उसने परमाणु ईंधन में होने वाली देरी के लिए जो अधिकृत कारण बताया है वह है भुगतान में देरी. कंपनी का कहना है कि ईरान को लाखों डॉलर का भुगतान करना है. हालांकि इस मामले को निपटाने के लिए दोनों पक्षों के बीच पिछले हफ़्ते एक बैठक हुई थी लेकिन कोई हल नहीं निकला. रूसी विशेषज्ञों का कहना है कि जो ईंधन दिया जाना है उसमें कई सौ टन आंशिक रुप से संवर्धित यूरेनियम है. इस समय इस ईँधन की आपूर्ति का अलग महत्व है क्योंकि इस समय अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान पर प्रतिबंध को और कड़े करने की योजना बना रहा है. ईरान पर आरोप है कि उसने अपना परमाणु कार्यक्रम रोकने के लिए दी गई समय सीमा में इस दिशा में कोई क़दम नहीं उठाया. विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास यूरेनियम की कमी है और रूस से मिलने वाले इस ईंधन को परमाणु बम बनाने योग्य संवर्धित किया जा सकता है. आरोप एक ईरानी सांसद ने कहा है कि रूस के इस फ़ैसले से दोनों देशों के संबंध को नुक़सान पहुँचेगा.
तेहरान में बीबीसी संवाददाता फ़्रांसिस हैरिसन का कहना है कि रूस के परमाणु ईंधन रोकने के फ़ैसले से ईरान इसलिए भी नाराज़ है क्योंकि उसने पत्रकारों को संयंत्र देखने के लिए बुलाने की योजना बना रखी थी. ईरान को उम्मीद थी कि परमाणु ईंधन दो हफ़्तों के भीतर ही पहुँच जाएगा. उसका कहना है कि रूस आर्थिक तंगी में है और उसने अनुरोध किया था कि भुगतान कुछ जल्दी कर दिया जाए, जिसके लिए ईरान तैयार हो गया था. लेकिन रूसी कंपनी का बयान अलग है. ईरान का आरोप है कि रूस अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुक रहा है. हालांकि अभी ईरान पर सीमित प्रतिबंध लगाए गए हैं लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जो माहौल अभी है उसमें रूस के लिए ईरान को परमाणु सहायता जारी रख पाना कठिन है. वैसे दोनों देशों के बीच क़रार था कि रूस परमाणु संयंत्र बनने के छह महीने पहले सितंबर में ईंधन दे देगा जिससे कि जनवरी में उत्पादन शुरु किया जा सके. हालांकि यह भी बहुत विलंब के बाद हुआ क़रार है. मूल समझौते के अनुसार तो यह संयंत्र वर्ष 2000 में ही बनकर तैयार हो जाना चाहिए था. | इससे जुड़ी ख़बरें ख़ुद वकालत करना चाहते हैं अहमदीनेजाद11 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'ब्रेक और रिवर्स गियर नहीं है' 25 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा'26 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'ईरान से ख़तरे' के ख़िलाफ़ बुश के आदेश26 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना ईरान की अमरीका को चुनौती18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना ईरान यूरेनियम संवर्धन शुरू करेगा24 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना सुरक्षा परिषद ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए23 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||