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इराक़ी शरणार्थियों को पनाह देगा अमरीका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने कहा है कि वह लगभग सात हज़ार इराक़ी शरणार्थियों को शरण देने की योजना बना रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने इसका स्वागत किया है. इस बीच बग़दाद के लिए अमरीकी सुरक्षा योजना औपचारिक रूप से प्रभावी हो गई है. इराक़ी शरणार्थियों को पनाह देने की पहल संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी आयुक्त एंटोनियो गुतरेस की अमरीका यात्रा के दौरान हुई. गुतरेस ने इस अमरीकी पहल का स्वागत किया है लेकिन सीरिया और जॉर्डन में रह रहे बीस लाख इराक़ी शरणार्थियों को भी मदद देने के लिए बुश प्रशासन और अन्य देशों से अपील की है. लगभग बीस लाख से ज़्यादा इराक़ी हिंसा नहीं रुकने के कारण दूसरे देशों में रह रहे हैं. वहीं लगभग 18 लाख से ज़्यादा लोग इराक़ के भीतर ही शरणार्थी बन गए हैं. बुश की चेतावनी बग़दाद में अमरीकी सुरक्षा योजना प्रभावी होने के बाद राष्ट्रपति बुश ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में इराक़ में हिंसा जारी रह सकती है. उन्होंने इस वर्ष के अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हिंसा पर काबू पाने में समय लगेगा. बुश ने विपक्षी डेमोक्रैटिक पार्टी को भी चेतावनी दी कि वो इराक़ में तैनात हो रहे बीस हज़ार अतिरिक्त अमरीकी सैनिकों के खर्चे को कॉंग्रेस से पारित कराने में बाधा न डाले. उन्होंने पुराना बयान दोहराते हुए कहा कि अग़र इराक़ में अमरीका को सफलता नहीं मिली तो यह उनके देश के लिए घातक साबित होगा. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें निश्चित रुप से ये जानकारी है कि इराक़ में हिंसा फैला रहे संगठनों को ईरान से मदद मिल रह है. साथ ही बुश ने ये भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि ईरान के वरिष्ठ नेता इस बात से वाकिफ़ हैं या नहीं. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ सुरक्षा योजना की कड़ी आलोचना14 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना बग़दाद के लिए नई सुरक्षा योजना 13 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ के पूर्व उप राष्ट्रपति को फाँसी होगी12 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना बग़दाद में धमाके, 67 की मौत12 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'शिया विद्रोहियों के समर्थन में ईरान'11 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में आत्मघाती हमला, 15 की मौत11 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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