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नैसडैक में लहराया भारतीय तिरंगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व में भारत की बढ़ती हुई साख और उसकी सुदृढ़ होती अर्थव्यवस्था के मद्देनज़र न्यूयॉर्क में स्थित दुनिया के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नैसडैक ने भी भारत को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएँ पेश कीं. गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएँ पेश करने के अपने खास अंदाज़ में स्टॉक एक्सचेंज नैसडैक ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत निरूपम सेन को गुरूवार को बाज़ार खोलने के लिए आमंत्रित किया. न्यूयॉर्क के मशहूर टाईम्स स्क्वैर इलाके में स्थित इस स्टाक एक्सचेंज में भारत के राजदूत निरूपम सेन ने स्थानीय समय के अनुसार सुबह नौ बज कर तीस मिनट पर नैसडैक के पटल पर पारंपरिक घंटी बजाई और बाज़ार को व्यापार के लिए खोल दिया. इस मौके पर राजदूत निरूपम सेन ने भारत और अमरीका के बीच बढ़ते हुए संबंध पर खुशी जताई. उनका कहना था, “भारत अमरीका के साथ अच्छे संबंधों को बहुत महत्व देता है और व्यापार के क्षेत्र में और तकनीकी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी इसका बहुत बड़ा पहलू है.” उनका कहना था कि फ़ॉर्च्यून 500 की आधी से ज्यादा कंपनियां अपना कारोबार भारत में करती हैं. भारतीय राजदूत निरुपम सेन ने कहा कि विश्व भर में भारत खुले बाज़ार वाला सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ लोकतंत्र है. उन्होंने कहा कि ख़ासकर टेक्नोलोजी के क्षेत्र में भारत को महारथ हासिल है. जिसमें अहम है इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलोजी और परमाणु और अंतरिक्ष से जुड़ी टेक्नोलॉजी. निरुपम सेन का कहना था कि भारत में विकास में और तेज़ी लाने की कोशिश जारी है. उन्होंने कहा कि तीन साल से लगातार हर वर्ष 8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की गई है. परंपरा इस सबके दौरान भारतीय तिरंगा नैसडैक की इमारत पर लगे बड़े से एकसचेंज बोर्ड पर भी फहराता हुआ दिखाई दे रहा था. इस मौके पर नैसडैक के उपाध्यक्ष बिल ओ ब्रायन ने भी विश्व अर्थव्यवस्था में भारत के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की.
उनका कहना था कि भारत नैसडैक के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बाज़ार है. भारतीय राजदूत का स्वागत करते हुए नैसडैक के उपाध्यक्ष बिल ओ ब्रायन ने कहा, “विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत का बड़ा योगदान है और नैसडैक में भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारत बहुत बड़ा स्रोत है और आज भारतीय प्रतीनिधि के यहां नैसडैक के अनुभव में शामिल होने पर हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं.” नैसडैक भारत में भी काफ़ी सक्रिय है. कई साल पहले से ही भारत में कई जगह नैसडैक के दफ़्तर खोले गए हैं. इस तरह भारतीय कंपनियों को निवेश के लिए अंतरराष्ट्रीय पूंजी हासिल करने में मदद मिलती है. और हाल के वर्षों में नैसडैक में जो भारतीय कंपिनियां शामिल हुई हैं उनमें टाटा और सत्यम इंन्फ़ोसिस जैसे नाम शामिल हैं. नैसडैक में गणतंत्र दिवस के मौक़े पर आयोजित इस कार्यक्रम के आयोजन में भारतीय मूल के अमरीकियों ने भी सक्रिय भाग लिया, खासकर भारत अमरीका चेंबर ऑफ़ कॉमर्स ने जो भारत और अमरीकी व्यापारियों के बीच संबंध बढ़ाने के लिए काम करता है. भारत अमरीका चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष राजीव खन्ना का कहना था, “अमरीका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के लिए भारत को इस तरह से सम्मानित किया जाना बहुत ही गर्व की बात है. और इस तरह के सम्मान से नैसडैक और भारत के बीच संबंधों को और घनिष्ठ बनाएंगे.” उनका कहना था कि भारतीय मूल के अमरीकी लोगों ने भी भारत को इस मुक़ाम पर पँचाने के लिए काफ़ी योगदान दिया है. नैसडैक ने पहले भी भारतीय संस्कृति का सम्मान करने के मक़सद से समारोह किए हैं और उसने साल 2006 में दीपावली बड़ी धूमधाम से मनाया था. | इससे जुड़ी ख़बरें एलएसई ने नैसडैक की बोली ठुकराई20 नवंबर, 2006 | कारोबार न्यूयॉर्क पुलिस में सिख कर सकेंगे नौकरी30 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना 'जल्दी लागू हों आयोग की सिफ़ारिशें'23 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना न्यूयॉर्क में कल्पना की याद में सड़क का नाम13 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना रोज़ी रोटी तो अच्छी चल जाती है मगर...12 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना अमरीका में हिंदी को लेकर उत्साह11 जून, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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