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फाँसी की जाँच की माँग उठी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के सुन्नी सांसदों ने इस बात की जाँच की माँग की है कि फाँसी के दौरान सद्दाम हुसैन के भाई बरज़ान अल तिकरिती का धड़ सिर से अलग कैसे हो गया. सुन्नी मुसलमानों का आरोप है कि फाँसी से पहले ही उनकी हत्या कर दी गई थी या फिर फाँसी देने के बाद उनका सिर काटा गया. इराक़ी अधिकारियों ने फाँसी लगाए जाने के बाद बताया था कि तिकरिती का सिर उनके धड़ से अलग हो गया है, इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने यह जानकारी इसलिए दी है ताकि उन पर तिकरिती के साथ दुर्व्यवहार का आरोप न लगे. इराक़ के सुन्नी मुसलमान इस बात से ख़ासे नाराज़ हैं और चाहते हैं कि मामले की पूरी जाँच करके सच को सामने लाया जाए. इराक़ में सद्दाम हुसैन के सौतेले भाई बरज़ान अल तिकरिती को फाँसी दिए जाने पर राजधानी बग़दाद से मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है. जहाँ एक ओर बग़दाद के सबसे बड़े शिया बहुल इलाक़े सद्र सिटी में फाँसी के बाद जश्न का माहौल नज़र आया वहीं सुन्नी इलाक़ों में भारी नाराज़गी देखी गई. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसे इराक़ियों की एक बहुत बडी़ तादाद भी है जो यह मानती है कि इन फाँसियों का इराक़ के भविष्य और मौजूदा समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है. तिकरिती के साथ ही इराक़ के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अवाद अल-बंदर को भी फाँसी दे दी गई है. मुक़दमा सद्दाम हुसैन और उनके ये दोनों सहयोगी 1980 के दशक में 140 से अधिक 'शिया नागरिकों की हत्या के मामले में दोषी पाए गए थे.
दुजैल नरसंहार के मामले में इन दोनों को सद्दाम हुसैन के साथ ही मौत की सज़ा सुनाई गई थी. सद्दाम हुसैन को 30 दिसंबर को फाँसी दे दी गई थी. इसके पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने संयुक्त राष्ट्र में इराक़ के प्रतिनिधि को पत्र लिखकर बरज़ान अल तिकरिती और अवाद अल-बंदर की फाँसी रोके जाने की अपील की थी. लेकिन इराक़ सरकार के एक प्रवक्ता अली अल-दबाग़ ने साफ़ कर दिया था कि फाँसी के आदेश-पत्र पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं इसलिए सज़ा को रोक पाना संभव नहीं है. उल्लेखनीय है कि सद्दाम हुसैन को जिस तरह से फाँसी की सज़ा दी गई थी, उसकी व्यापक निंदा हुई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम के सहयोगियों को फाँसी इसी सप्ताह07 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र ने फाँसी रोकने की अपील की07 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना फाँसी के आलोचकों को चेतावनी06 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना फाँसी के दौरान मौजूद एक गार्ड गिरफ़्तार03 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना फाँसी के वीडियो की जाँच02 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम की फाँसी टलते-टलते बची थी02 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम को फाँसी देने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन01 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना ऐसा सद्दाम, जिसे आप नहीं जानते01 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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