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फाँसी के वीडियो की जाँच | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी सरकार ने सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के अनधिकृत मोबाइल फ़ोन वीडियो की जाँच शुरू कर दी है. सद्दाम हुसैन के जीवन के अंतिम क्षणों के इस वीडियो में फाँसी देने वाले लोगों के साथ उनकी बहस दिखाई गई है. इस वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि फाँसी के वक़्त मौजूद एक व्यक्ति ने उनसे कहा, "जहन्नुम में जाओगे." अधिकारियों को आशंका है कि चोरी-छिपे बनाई गई इस वीडियो फ़िल्म की वजह से इराक़ में जातीय हिंसा को बढ़ावा मिलेगा. इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के एक सलाहकार समी अल अस्करी ने कहा, "वहाँ कुछ गार्ड मौजूद थे जिन्होंने सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ नारे लगाए और इस घटना की जाँच की जा रही है." नवंबर महीने के शुरू में इराक़ की एक विशेष अदालत ने सद्दाम हुसैन को दुजैल में शिया मुसलमानों के नरसंहार का दोषी मानते हुए मौत की सज़ा सुनाई थी. सद्दाम हुसैन को शनिवार को तड़के फाँसी दी गई थी और रविवार को उनके गृह नगर तिकरित के पास उनकी लाश को दफ़ना दिया गया. इराक़ी अधिकारियों ने टेलीविज़न चैनलों के लिए एक आधिकारिक वीडियो फ़िल्म जारी की थी ताकि इराक़ी जनता को विश्वास हो सके कि सद्दाम अब जिंदा नहीं हैं. उस वीडियो में न तो किसी की आवाज़ थी और न ही सद्दाम हुसैन को फंदे से लटकता दिखाया गया था. आधिकारिक वीडियो में सिर्फ़ उनके गले में फंदा डालते हुए दिखाया गया था और फिर कफ़न में लिपटी उनकी लाश दिखाई गई थी जिसका चेहरा खुला था. मोबाइल फ़ोन वाले वीडियो फुटेज में सद्दाम हुसैन को फंदे से लटककर मरते हुए दिखाया गया है, यह वीडियो फुटेज कई वेबसाइटों पर दिख रही है जिससे इराक़ी अधिकारी चिंतित हैं. |
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