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सद्दाम हुसैन को दफ़नाया गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को उनके पैतृक गाँव औजा में दफ़ना दिया गया है. मानवता के ख़िलाफ़ अपराध का दोषी पाए जाने के बाद शनिवार को उन्हें फाँसी दे दी गई थी. क़रीब 69 वर्ष पहले औजा में ही सद्दाम हुसैन का जन्म हुआ था. तिकरित के निकट औजा गाँव में ग़मगीन माहौल के बीच सद्दाम हुसैन को दफ़न कर दिया गया. सद्दाम हुसैन के दोनों बेटे उदै और क़ुसै को भी यहीं दफ़नाया गया था. वर्ष 2003 में उदै और क़ुसै अमरीकी सैनिकों की गोलीबारी में मारे गए थे. इस बीच सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने का एक नया वीडियो इंटरनेट पर जारी किया गया है. नया वीडियो इराक़ी टेलीविज़न पर फाँसी दिए जाने के जिन क्षणों को नहीं दिखाया गया था, उन क्षणों को भी मोबाइल फ़ोन से तैयार किए गए इस वीडियो में दिखाया गया है. इस वीडियो में सद्दाम हुसैन और वहाँ मौजूद लोगों को एक-दूसरे पर ताना कसते दिखाया गया है. शनिवार तड़के सद्दाम हुसैन को राजधानी बग़दाद में फाँसी दे दी गई थी. माना जा रहा है कि फाँसी के कुछ घंटों बाद सद्दाम हुसैन का शव एक अमरीकी विमान से औजा भेजा गया और उनके परिवार के लोगों को सौंप दिया गया.
सद्दाम हुसैन के एक रिश्तेदार मूसा फ़राज ने बताया, "सद्दाम हुसैन को औजा में तड़के चार बजे दफ़ना दिया गया. उन्हें उस जगह दफ़नाया गया, जो सद्दाम हुसैन ने अपने कार्यकाल में बनवाया था." बीबीसी संवाददाता जॉन सिम्पसन का कहना है कि इराक़ी सरकार इसे लेकर चिंतित नहीं कि सद्दाम की क़ब्र कुछ लोगों के लिए राजनीतिक यात्रा का स्थान बन जाएगा. बीबीसी संवाददाताओं के मुताबिक़ इराक़ी सरकार के मंत्रियों का मानना है कि फाँसी पर लटकाए जाने के बाद सद्दाम हुसैन का प्रभाव इराक़ में ख़त्म हो गया है. पाँच नवंबर को एक इराक़ी अदालत ने सद्दाम हुसैन को दुजैल नरसंहार के मामले में मौत की सज़ा सुनाई थी. वर्ष 1982 में दुजैल में 148 शिया मुसलमानों की हत्या कर दी गई थी. सद्दाम हुसैन ने मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ अपील भी की थी, लेकिन उसे ठुकरा दिया गया और कुछ दिन बाद उन्हें फाँसी भी दे दी गई. सद्दाम हुसैन को फाँसी के तख़्ते तक ले जाए जाने का वीडियो इराक़ी टेलीविज़न पर दिखाया गया था. इसके बाद इराक़ी टीवी पर सफ़ेद कपड़े में लिपटा सद्दाम हुसैन का शव भी दिखाया गया. लेकिन इराक़ी टीवी पर फाँसी देते समय का वीडियो नहीं दिखाया गया. माहौल सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के बाद इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा कि इराक़ के इतिहास का काला अध्याय बंद हो गया है.
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि इराक़ी लोकतंत्र के लिए यह मील का पत्थर है. लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने से इराक़ में हिंसा का अंत नहीं होगा. सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के बाद शनिवार को इराक़ में हिंसा की कई घटनाएँ भी हुईं. कई कार बम धमाकों में कम से कम 70 लोग मारे गए. हालाँकि अमरीकी और इराक़ी सैनिकों ने काफ़ी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी. इराक़ के शिया इलाक़ों में जहाँ सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के बाद उल्लास का माहौल था, तो सुन्नी बहुल इलाक़ों और सद्दाम के गृह नगर तिकरित में माहौल ग़मगीन था. |
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