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ब्रिटिश कमांडर सेना की अनदेखी से चिंतित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिणी इराक़ में तैनात ब्रिटिश सेना के कमांडर का कहना है कि उनके जवान दशकों की सरकारी उपेक्षा का असर झेल रहे हैं. मेजर जनरल रिचर्ड शेरिफ ने कहा कि ब्रिटिश सेना अपने काम की गुणवत्ता तभी बरकरार रख सकती है जब तक कि पैसों की कमी जैसे मसले न सुलझा लिए जाएं. उन्होंने बीबीसी से कहा कि ब्रिटिश सैनिकों को उचित सहयोग और समर्थन मिलना चाहिए जिसमें प्रशिक्षण और रहने की स्तरीय व्यवस्था शामिल है. दूसरी ओर ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पिछल तीन वर्षों में रक्षा बजट में सात अरब डॉलर से अधिक वृद्धि हो चुकी है. उपेक्षा इस बीच बसरा में सड़क किनारे रखे गए बम में विस्फ़ोट होने से सात ब्रिटिश सैनिक घायल हो गए. रक्षा मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने बताया कि कई बख़्तरबंद गाड़ियों पर सवार होकर ब्रिटिश सेना आगे बढ़ रही थी, तभी विस्फोट हुआ. ब्रिटिश सैनिकों को हो रही दिक्क़तों पर जनरल शेरिफ़ ने कहा, "हमारे देश को यह समझने की ज़रूरत है कि हमारे बहादुर जवान अपना श्रेष्ठ तभी दे पाएंगे जब उन्हें अपने घर से पुरजोर समर्थन मिला." उनका मानना है कि इराक़ के लिए ब्रिटेन ने जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, वो पीछे आ गए हैं. हालाँकि उन्होंने उम्मीद जताई कि सबकुछ ठीक हो जाएगा. उन्होंने कहा, "साफ़ तौर पर हम सौ फ़ीसदी समाधान चाहते हैं. जब मैं यहाँ आया और अभियान शुरू किए गए तो मैं सौ फ़ीसदी सफलता देख रहा था लेकिन ये इराक़ है, इसलिए 60 फ़ीसदी समस्याएं ही सुलझ गई तो इससे मैं खुश रहूँगा. जनरल शेरिफ़ ने कहा कि बसरा में इराक़ी पुलिस केंद्र पर हमला करने से आत्मघाती दस्तों के साथ लड़ाई में नया मोड़ आ गया है. ये हमला क्रिसमस के दिन हुआ. हालाँकि शेरिफ़ ने कहा कि उनके दिल में हमले के दिन को लेकर कोई मलाल नहीं है. इस केंद्र पर कई लोगों को रखा गया था जिन्हें मौत की सज़ा दिए जाने की तैयारी कर ली गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम हुसैन को 30 दिन के भीतर फाँसी26 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बसरा में सैन्य कार्रवाई से छिड़ा विवाद26 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बम धमाकों में 30 से ज़्यादा की मौत26 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी पुलिस स्टेशन पर कार्रवाई25 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में आत्मघाती हमला, दस मारे गए25 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'बारह हज़ार इराक़ी पुलिसकर्मी मारे गए'24 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना अल-सद्र फिर सरकार में लौटने को राज़ी22 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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