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'अमरीका में सर्वाधिक कमाई गाँजा से' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक सामाजिक कार्यकर्ता की रिपोर्ट में कहा गया है कि गाँजा अमरीका की सबसे कमाई वाली फ़सल बन गई है और इसने गेहूँ और मक्के को पीछे छोड़ दिया है. नशीले पदार्थों को लेकर बने क़ानून को बदलने के लिए आंदोलन कर रहे एक कार्यकर्ता ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका में गाँजा से जो आय हो रही है वह गेहूँ और मक्के की सम्मिलित आय से अधिक है. हालांकि स्वतंत्र विशेषज्ञों का कहना है कि अमरीका भर में गाँजे की खेती कितनी हो रही है और इसे बेचकर कितना पैसा आ रहा है इसके आँकड़े इकट्ठा करना कठिन काम है. रिपोर्ट तैयार करने वाले कार्यकर्ता का नाम है, जॉन गेटमैन और वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं कि दवाइयाँ बनाने के लिए गाँजे की खेती को वैधानिक बना दिया जाए. उनका अनुमान है कि हर साल अमरीका में उगाए जा रहे गाँजे की क़ीमत क़रीब 36 अरब डॉलर है. रिपोर्ट में कहा गया है कि गेहूँ और मक्के की संयुक्त कमाई से अधिक आय वाली फ़सल गाँजा हो गई है और इसलिए अमरीका की अर्थव्यवस्था में इसका अहम हिस्सा है. उनका कहना है कि चूँकि गाँजे की खेती ग़ैरक़ानूनी है इसलिए इससे आने वाली सारी कमाई अपराधियों के पास चली जाती है. एक तो विशेषज्ञ मानते हैं कि ग़ैरक़ानूनी होने के कारण इसकी खेती महंगी है और इसीलिए इसका वितरण गोपनीय तरीक़े से होता है. हालांकि जॉन गेटमैन की रिपोर्ट से साफ़ है कि कई दशकों से अमरीकी सरकारें गाँजे के उत्पादन पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है लेकिन इसमें सफल नहीं हो सकी हैं. अमरीकी क़ानून विभाग का कहना है कि हर साल कोई ढाई करोड़ अमरीकी हर साल नशीली दवाओं का सेवन करते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ीम का नया 'स्वर्णिम-त्रिभुज'01 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना हेरोइन के ख़िलाफ़ पाकिस्तान में फ़तवा14 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस नशीली दवाओं की चपेट में अफ़्रीकी देश02 मार्च, 2005 | पहला पन्ना नशीली दवाओं से लदी नाव पकड़ी गई19 दिसंबर, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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