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सोमवार, 18 दिसंबर, 2006 को 16:36 GMT तक के समाचार
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बुश ने परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए
बुश
जॉर्ज बुश ने परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सोमवार को भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.

समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद जॉर्ज बुश ने कहा, "ये समझौता अमरीका और भारत के बीच सामरिक संबंधों को मज़बूत करेगा और दोनों देशों को इससे फ़ायदा होगा."

अमरीकी संसद ने कुछ दिन पहले ही परमाणु समझौते को मंज़ूरी दे दी है.

जॉर्ज बुश और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच परमाणु मुद्दे को लेकर जुलाई 2005 में सहमति बनी थी.

इस समझौते के बाद भारत को असैनिक कार्यों के परमाणु तकनीक मिल सकेगी. लेकिन समझौते के तहत भारत के कुछ परमाणु ठिकाने अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के लिए खुल जाएँगे.

अड़चनें

हालाँकि अभी भी इस समझौते के प्रभावी बनने में काफ़ी अड़चने हैं. अब अमरीका और भारत को विधेयक के हिसाब से एक व्यापक समझौते का खाका तैयार करना होगा, जिसमें समझौते के सभी तकनीकी पहलुओं को शामिल करना होगा.

परमाणु ईंधन सप्लाई करने वाले 45 सदस्य देशों को भी अब अपने क़ानून बदलने होंगे. इसके बाद ही भारत को परमाणु तकनीक मिल सकेगी.

उधर भारत में भी सोमवार को संसद में परमाणु समझौते पर बहस हुई. कई विपक्षी पार्टियाँ इस समझौते का विरोध कर रही हैं.

यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही वामपंथी पार्टियाँ भी इस समझौते का विरोध कर रही हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बहस में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि भारत के सामरिक कार्यक्रम की अंतरराष्ट्रीय निगरानी नहीं होगी और यह 'अपनी ज़रूरतों पर आधारित होगा'.

वहीं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आरोप लगाया कि अमरीकी संसद से जो विधेयक पारित हुआ है, उसके आधार पर समझौता होने का मतलब है कि भारत पर कई तरह के नियंत्रण लगाए जाएँगे.

परमाणु समझौते को भारतीय संसद की मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं है.

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