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दिल्ली में गुर्जर समाज की रैली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस के सांसद अवतार सिंह भड़ाना के नेतृत्व में गुर्जर समाज ने रविवार को एक रैली का आयोजन किया गया. दिल्ली में 'गुर्जर महाकुंभ' नाम से आयोजित इस विशाल रैली में प्रस्ताव पारित कर राजस्थान में गुर्जरों को अनुसूचित जनजातियों में शामिल करने की माँग की गई. इसके अलावा सेना में गुर्जर रेजीमेंट बनाने, प्रशासनिक सेवाओं में प्रतिनिधित्व और शिक्षा क्षेत्र में आरक्षण की माँग भी रखी गई. इस मौक़े पर सभा को संबोधित करते हुए अवतार सिंह भड़ाना ने कहा कि गुर्जर समाज की मांगों को वो प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुँचाएंगे. गुर्जर बिरादरी को मंडल कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार अन्य पिछड़ी जातियों में रखा गया है और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में उन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जा चुका है. लेकिन अब गुर्जर नेताओं का कहना है कि उन्हें राजस्थान में भी अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलना चाहिए. इन नेताओं का कहना है कि राजस्थान में गुर्जरों की स्थिति मीणाओं से भी ख़राब है. इस रैली का महत्व इसलिए भी है कि हाल ही में लोकसभा में एक विधेयक पारित किया गया है जिसके ज़रिए अन्य पिछड़ी जातियों को उच्च शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण की व्यवस्था की गई है. इस विधेयक के पास होने के बाद किसी पिछड़ी जाति का ये पहला शांति प्रदर्शन था. इस रैली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान का भी समर्थन किया गया जिसमें उन्होंने पिछड़ी जाति के मुसलमानों को संसाधनों का लाभ पहुँचाने की बात कही थी. | इससे जुड़ी ख़बरें मुसलमानों के लिए आरक्षण पर रोक22 जुलाई, 2004 | भारत और पड़ोस महिला आरक्षण फिर टला | भारत और पड़ोस आरक्षण ख़त्म करने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन21 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस 'धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं'03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सच्चर रिपोर्ट संसद में पेश की गई30 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस निजी क्षेत्र में आरक्षण पर प्रदर्शन03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण विधेयक लोकसभा से पारित 14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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