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ब्रिटेन में ईसाई-मुस्लिम सम्मेलन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के ईसाई पादरियों और मुस्लिम इमामों को एक साथ एक मंच पर मिलने का मौक़ा देने वाला एक सम्मेलन बुधवार को केंद्रीय इंग्लैंड के लैस्टरशायर में शुरू हो रहा है. दो दिन के इस सम्मेलन का आयोजन ईसाई-मुस्लिम फ़ोरम ने किया है जिसमें ईसाई और मुस्लिम समुदायों के बीच आपसी संबंध बेहतर बनाने के रास्तों पर विचार किया जाएगा और समाज में घुलने-मिलने के मुद्दे पर भी ग़ौर होगा. बीबीसी के धार्मिक मामलों के संवाददाता राहुल टंडन का कहना है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब विभिन्न समुदायों के बीच वार्तालाप को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है. ब्रिटेन में पिछली जनगणना के अनुसार देश में लगभग चार करोड़ बीस लाख ईसाई हैं और क़रीब 16 लाख मुसलमान हैं. इस तरह ईसाई और मुस्लिम समुदाय ब्रिटेन में सबसे बड़े दो धार्मिक समुदाय हैं. बहुत से लोगों को यह आश्चर्यजनक लग सकता है कि ऐसे हालात में इस तरह का सम्मेलन आयोजित किए जाने में इतनी देर क्यों लगी है क्योंकि ब्रितानी समाज में अब ऐसा लगता है कि धर्म की भूमिका बढ़ती जा रही है. मसलन, बहुत से नस्लीय अल्पसंख्यक ख़ुद को अपनी धार्मिक पहचान के रूप में परिभाषित करते हैं, न कि अपनी नस्लीय पृष्ठभूमि के आधार पर. इस सम्मेलन का मक़सद ईसाई और मुस्लिम धार्मिक नेताओं के बीच वार्तालाप को बढ़ावा देने का रास्ता तैयार करना है और इस सम्मेलन में दोनों समुदायों के लगभग 75 धार्मिक नेता भाग लेंगे. इन नेताओं ने उम्मीद जताई है कि वे इस बहस में अपनी आवाज़ जोड़ सकेंगे कि ब्रितानी समाज में मुसलमानों की समरसता को किस तरह से और बढ़ाया जाए. इस सम्मेलन में भाग लेने वाले धार्मिक नेताओं में प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के धार्मिक मामलों के सलाहकार जॉन बैटल भी शामिल होंगे. वही सम्मेलन में मुख्य भाषण भी देंगे. इस सम्मेलन का आयोजन करने वाले ईसाई-मुस्लिम फ़ोरम का गठन इस वर्ष यानी 2006 के आरंभ में किया गया था और इस संगठन को चर्च ऑफ़ इंग्लैंड के अध्यक्ष का समर्थन हासिल है. इस फ़ोरम ने ईसाई और मुस्लिम समुदायों के लोगों के बीच नज़दीकियाँ बढ़ाने के लिए फुटबॉल और क्रिकेट मैचों का आयोजन भी किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का सम्मेलन19 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना मुसलमानों के बारे सूचना देने की 'सलाह'17 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना नीदरलैंड बुरक़े पर पाबंदी के पक्ष में17 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'मुस्लिम विद्वानों ने स्पष्टीकरण माना'14 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना मुस्लिम जगत, पश्चिमी समाज के बीच की खाई13 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना बुर्क़े पर स्ट्रॉ के बयान से विवाद06 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना मुस्लिम औरतें बुरक़ा क्यों पहनती हैं?06 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'हमलों के मुद्दे पर बंटे हैं ब्रितानी मुस्लिम'04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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