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'मुस्लिम विद्वानों ने स्पष्टीकरण माना' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका से छपने वाली एक मुस्लिम पत्रिका एक 'ओपन लेटर' या पत्र छाप रही है जिसमें कहा गया है कि 38 इस्लामी विद्वानों और वरिष्ठ मौलवियों ने पोप की हाल की उनकी टिप्पणी पर उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार कर लिया है. कुछ हफ़्ते पहले जर्मनी में दिए अपने भाषण में कैथोलिक ईसाइयों के धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट 16वें ने हज़रत मोहम्मद और जेहाद पर टिप्पणी की थी जिसके बाद मुस्लिम देशों में रोष प्रदर्शन हुए थे. बाद में पोप ने भाषण के विवादास्पद अंश से ख़ुद को अलग करते हुए कहा था कि ये उनके निजी विचार नहीं थे और उन्होंने इस पर अफ़सोस भी ज़ाहिर किया था. लेकिन 57 इस्लामी देशों के संगठन - ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कॉन्फ़्रेंस (ओआईसी) के अध्यक्ष मलेशिया ने कहा था कि पोप का ताज़ा बयान पर्याप्त नहीं है और उन्हें अपना मूल बयान पूरी तरह से वापस लेना चाहिए. लॉस ऐंजल्सि से निकलने वाली पत्रिका इस्लामिका में कहा है कि ये पत्र जॉर्डन में वेटिकन के प्रतिनिधि को सौंपी जाएगी. इस्लामिका के अनुसार कैथोलिक ईसाइयों के धर्मगुरू के आश्वासन को स्वीकार कर लिया गया है. पिछले सोमवार को पोप ने स्पष्ट किया था कि उस सम्राट की इस्लाम और मुस्लमानों के बारे टिप्पणी को अशिष्ट मानते हैं जिसका ज़िक्र उन्होंने अपने भाषण में किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें विवाद के बाद पोप जनता में आएँगे17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के बयान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के बयान पर प्रतिक्रियाएँ15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के इस्लाम संबंधी बयान?15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप बेनेडिक्ट और विवाद!15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप की टिप्पणी से मुसलमान नाराज़15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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