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मौलवी के ख़ुत्बा देने पर पाबंदी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक विवादास्पद बयान के कारण आस्ट्रेलिया के एक बड़े मुस्लिम धार्मिक नेता के ख़ुत्बा देने पर तीन महीने के लिए पाबंदी लगा दी गई है. उन्होंने हिजाब नहीं पहनने वाली महिलाओं की तुलना 'बिना ढके हुए मांस' से की थी. शेख़ ताज़ुद्दीन अल हिलाल ने अपनी एक टिप्पणी में कहा था कि जो महिला हिजाब नहीं पहनती, वह छेड़छाड़ को दावत देती है. जिसके बाद उनके इस बयान पर विवाद शुरू हो गया था. सिडनी स्थित मस्जिद के एक संगठन ने कहा है कि प्रतिबंध के कारण धार्मिक नेता अल हिलाल को अपने बयान के असर को समझने का मौक़ा मिलेगा. हालाँकि आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जान हावर्ड ने इस क़दम को अपर्याप्त बताया है. कुछ मुस्लिम नेताओं समेत कई लोगों ने अल हिलाल को बर्ख़ास्त करने की मांग की है. बयान लेकिन शुक्रवार को ही एक संवाददाता सम्मेलन में अपने एक अन्य बयान से अल हिलाल ने एक और विवाद खड़ा कर दिया. जब पत्रकारों ने उनसे ये पूछा कि क्या वे इस्तीफ़ा दे देंगे, तो उनका जवाब था- व्हाइट हाउस की दुनिया की साफ़-सफ़ाई के बाद ही वे इस्तीफ़ा देंगे. उन्होंने शुक्रवार की नमाज़ के बाद ये बयान दिया. उनके इस बयान पर मौजूद लोगों ने ख़ूब तालियाँ भी बजाईं. शेख़ हिलाल ने हिजाब न पहनने वाली महिलाओं से संबंधित अपना बयान पिछले महीने रमज़ान के पवित्र महीने में दिया था. लेकिन इसपर विवाद तब शुरू हुआ जब उनका यह बयान एक अख़बार में गुरूवार को प्रकाशित हुआ. हिलाल ने कहा था, "अगर आप मांस के टुकड़े को ढँकने की बजाय बाहर रख दें और बिल्ली उसे खा ले तो यह किस की ग़लती है." उन्होंने आगे कहा था, "समस्या खुला हुआ मांस का टुकड़ा है. अगर आप के सर पर हिजाब है, आप घर में या कमरे में हैं तो कोई समस्या नहीं है." हालाँकि शेख़ हिलाल ने इस बयान पर यह कहते हुए बाद में खेद व्यक्त किया था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया. द ऑस्ट्रेलियन अख़बार में छपे अपने बयान में उन्होंने कहा था, " मैं उन तमाम महिलाओं से माफ़ी मांगता हूं जिन्हें इस बयान से तकलीफ़ हुई है. मेरा मक़सद महिलाओं के आत्मसम्मान को चोट पहुँचाना नहीं था." इसके बाद मुस्लिम नेताओं ने शेख़ हिलाल को माफ़ करने का फ़ैसला किया और कहा कि उनके ख़िलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी. मस्जिद के संगठन के अध्यक्ष टाम ज़रायका ने कहा, "हम इस बात से सहमत हैं कि उनके बयान को ठीक तरह से पेश नहीं किया गया है. हम समझते हैं कि तीन महीने तक अपने काम से अलग रहकर उन्हें अपने बयान पर सोचने का अवसर मिलेगा." वैसे कई लोगों ने उनके ख़िलाफ़ इससे बड़ी कार्रवाई की मांग की थी. प्रधानमंत्री हावर्ड ने आस्ट्रेलियाई रेडियो पर कहा, " मैं समझता हूँ कि उन्होंने जो भी कहा वह न सिर्फ़ मुस्लिम बल्कि तमाम आस्ट्रेलियाई समाज के लिए अस्वीकार्य है. शेख़ हिलाल इससे पहले भी अपने बयानों के कारण विवादों में रह चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़ैशन के दौर में बदल रहा है बुर्क़ा28 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'मुस्लिम सैनिकों की गिनती नहीं चाहते'21 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस ऑस्ट्रेलिया जाने से सोमनाथ का इनकार07 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस ऑस्ट्रेलिया में बुर्क़े पर एतराज़ | भारत और पड़ोस ऑस्ट्रेलिया भारत पर प्रतिबंध जारी रखेगा13 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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