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पुतिन को ऊर्जा चार्टर मंज़ूर नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उस ऊर्जा घोषणापत्र को मंज़ूर करने से इनकार कर दिया है जिसमें रूसी तेल और गैस क्षेत्रों में विदेशी निवेश बढ़ाने की बात कही गई है. फिनलैंड में यूरोपीय संघ के साथ आयोजित शिख़र बैठक में पुतिन ने कहा कि अभी वह इस घोषणापत्र को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. यूरोपीय संघ और रूस के बीच नब्बे के दशक के शुरू में ही ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के लिए 'एनर्जी चार्टर' पर सहमति बनी थी लेकिन रूस ने अभी तक इसे मंज़ूर नहीं किया है. यूरोपीय संघ के सदस्य देश अभी अपनी ज़रूरतों का एक चौथाई तेल और गैस रूस से आयात करते हैं लेकिन वे ऊर्जा आपूर्ति में रूकावट आने की आशंक से चिंतित हैं. साझा रूख़ चार्टर को मंज़ूर करने से इनकार करने के बावजूद राष्ट्रपति पुतिन ने विश्वास जताया कि यूरोपीय संघ और रूस ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार और निवेश के मसले पर साझा रुख़ कायम करने में कामयाब होंगे. उन्होंने कहा, "हम चार्टर में शामिल किए गए सिद्धांतों के ख़िलाफ़ नहीं हैं लेकिन हमारा मानना है कि इसके कुछ प्रावधानों को बेहतर तरीके से परिभाषित करना चाहिए." यूरोपीय संघ के अध्यक्ष बर्रासो ने दोनों पक्षों से परस्पर विश्वास बढ़ाने पर बल दिया. उन्होंने कहा, "इसके लिए पारदर्शिता, क़ानून का शासन, भेदभाव ख़त्म करना और बाज़ार को उदार बनाने की ज़रूरत है." उन्होंने कहा कि ऊर्जा की आड़ में दोनों पक्षों के बीच मतभेद नहीं होना चाहिए जैसा कि एक समय साम्यवाद को लेकर हुआ था. | इससे जुड़ी ख़बरें रूस ने पाइपलाइन बनाने की पेशकश की16 जून, 2006 | पहला पन्ना जी-8 बैठक में ऊर्जा, अन्य मुद्दों पर चर्चा 10 जून, 2006 | पहला पन्ना पुतिन ने नया बाज़ार ढूंढने की धमकी दी27 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना रूस-चीन के बीच बनेगी गैस पाइपलाइन21 मार्च, 2006 | पहला पन्ना रूस के रुख़ से इसराइल नाराज़10 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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