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पुतिन ने नया बाज़ार ढूंढने की धमकी दी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया है कि वह रूसी गैस निर्यात की विश्वसनीयता को लेकर बिना वज़ह भय का माहौल बना रहे हैं. जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल से मुलाक़ात के बाद पुतिन ने कहा कि रूस और यूरोप को ऊर्जा आपूर्ति के मुद्दे पर सहमति बनानी होगी. उन्होंने कहा, "हम किस डर की बात कर रहे हैं. आज ही ऐसा मसला क्यों? अब जबकि दुनिया की स्थिति बदल चुकी है. ऐसे में रूस पर ज़्यादा निर्भरता का मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है." पुतिन ने कहा, "हम सुनते रहे हैं कि रूस पर बहुत अधिक निर्भरता है और इसलिए रूस के ऊर्जा संसाधनों की यूरोपीय बाज़ारों में सीमा तय करनी होगी. अपने आप को हमारी जगह रख कर देखिए कि हम क्या करें. हम हर रोज़ यही सुन रहे हैं. ऐसे में हम दूसरे बाज़ार देखना शुरू करेंगे." यूरोपीय देशों का डर रूस के अधिकारियों का कहना है कि उनका देश ऊर्जा सुरक्षा के केंद्र में रहेगा, क्योंकि उसने सन 2000 से हाईड्रोकार्बन की मांग को पूरा करने में सबसे अहम भूमिका अदा की है. मगर पश्चिमी देशों के अधिकारियों इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते. ब्रसेल्स में अधिकारियों ने कई असफल कोशिशें भी कीं कि रूस ऊर्जा चार्टर पर हस्ताक्षर कर अपनी पाईपलाईनें को यूरोपिय संघ से स्पर्धा के लिए खोल दे. रूसी अधिकारी ये मानने से हिचकते हैं कि पश्चिमी देश उर्जा के लिए रूस पर निर्भरता को एक ख़तरे के रूप में देखते हैं. फिर भी राष्ट्रपति पुतिन ने आज इस डर को दरकिनार कर, पूर्वी देशों में रूस के बाज़ार खोलने की धमकी दी. लेकिन ये बात और है कि अब जबकि राष्ट्रपति पुतिन को कोई चुनौती देने वाला नहीं है और पश्चिम भी उनको समानता का अधिकार देने के लिए तैयार है, ऐसे में राष्ट्रपति पुतिन इस बात का ज़िक्र करने से साफ बच निकले कि रूस प्राकृतिक रूप से पूर्वी देशों को अपनी पाईपलाईनें बिछाने और निर्यात करने की हालत में नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें रूस-चीन के बीच बनेगी गैस पाइपलाइन21 मार्च, 2006 | पहला पन्ना पुतिन चीन की महत्त्वपूर्ण यात्रा पर21 मार्च, 2006 | पहला पन्ना रूस ने यूक्रेन को गैस आपूर्ति घटाई01 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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