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मंगलवार, 21 मार्च, 2006 को 01:50 GMT तक के समाचार
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पुतिन चीन की महत्त्वपूर्ण यात्रा पर
चीन और रूस का संयुक्त सैनिक अभ्यास
चीन और रूस के बीच संयुक्त सैनिक अभ्यास इस साल भी होने की संभावना है
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन की राजकीय यात्रा पर पहुँच रहे हैं, जहाँ दोनों देशों के बीच बढ़ रहे सहयोग को और मज़बूत करने पर चर्चा होने की संभावना है.

रूस और चीन ऊर्जा, व्यापार और सैनिक क्षेत्र में लगातार नज़दीक़ी संबंध बना रहे हैं. साथ ही ईरान जैसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मसले पर भी दोनों देशों का कूटनीतिक रुख़ एक जैसा ही है.

चीन की पिछली राजकीय यात्रा पर राष्ट्रपति पुतिन वहाँ के शहीदों के एक प्रमुख स्मारक पर भी गए थे.

इसे एक संकेत माना गया कि अब पिछली दुश्मनी की जगह एक नई और आधुनिक सोच वाली व्यावहारिकता ने ले ली है.

बढ़ा सहयोग

आज रूस और चीन एक दूसरे के साझा हित देख और समझ पा रहे हैं और शायद यही वजह है कि दोनों के बीच पहले से कहीं अधिक सहयोग हो रहा है.

दोनों ही अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी पहचान मज़बूत रूप से स्थापित करने की कोशिश में लगे हैं, एक ताक़त जो अमरीका का सामना कर सकती है.

व्लादिमीर पुतिन और हू जिंताओ
व्लादिमीर पुतिन की पिछली चीन यात्रा को भी सफल माना गया था

मगर इन सबसे भी बड़ी बात है, इनके बीच तार्किक रूप से हो रहा सहयोग.

रूस के पास व्यापक संसाधन हैं और उधर चीन की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है. उसे ऊर्जा की अपार ज़रूरत है और सीमा पार साइबेरिया में रूस के पास बड़े भंडार हैं.

माना जा रहा है कि इस बार दोनों ही नेता तेल और गैस की नई पाइपलाइनों के साथ ही कोयले और बिजली की ज़्यादा आपूर्ति पर भी चर्चा करेंगे.

इस दौरान परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी महत्त्वपूर्ण रहेगा.

पिछले ही साल चीन और रूस ने मिलकर पहली बार संयुक्त सैन्य अभ्यास किया है. इस साल वो अभ्यास दोहराए जाने की भी संभावना है.

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति

इनके अलावा अगर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की बात करें तो ईरान के मसले पर ये दोनों ही देश अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रांस के रुख़ से अलग ज़्यादा समन्वित रवैया अपनाने पर बात कर सकते हैं.

पश्चिमी देश ईरान के मसले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कड़े प्रतिबंधों के समर्थक हैं जबकि ये दोनों ही देश चाहते हैं कि अभी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को और समय दिया जाए.

इनका डर है कि इस तरह के प्रतिबंध और धमकियों की वजह से मसला हल करना और मुश्किल ही हो जाएगा.

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