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अभूतपूर्व प्रतिबंधों की चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है कि परमाणु बम परीक्षण के दावे के बाद अब उसके खिलाफ़ ऐसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं जिनका सामना उसने पहले कभी नहीं किया. अमरीकी मीडिया के साथ बातचीत में कोडोंलीज़ा राइस ने अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच सीधी बातचीत से साफ़ इनकार कर दिया है. अमरीका का कहना है कि इस मुद्दे के संदर्भ में रूस और चीन के प्रभाव का इस्तेमाल महत्वपूर्व है. राइस का ये भी कहना था कि उत्तर कोरिया के सामने बातचीत का रास्ता अब भी खुला है और यदि वह अपना परमाणु कार्यक्रम त्याग देता है तो उसे हर तरह के फ़ायदे मिल सकते हैं. उधर उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों के अमरीकी प्रस्तावों पर सहमति बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में राजनयिक बुधवार को फिर मिल रहे हैं. सैन्य कार्रवाई पर मतभेद
दो दिन पहले उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण के दावे के बाद इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में राजनयिकों के बीच मतभेद बने हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध लगाए जाने के अमरीकी प्रस्तावों के मसौदे पर विचार कर रही हैं. चीन और रूस नहीं चाहते कि प्रतिबंधों के उल्लंघन की परिस्थिति में सैन्य कार्रवाई का प्रावधान हो. अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सातवें अध्याय के अंतरगत 13-सूत्री सुझावों के प्रस्ताव का मसौदा रखा है. इसका मतलब ये है कि इन्हें लागू करना अनिवार्य होगा और अंतत: इन्हें सैन्य कार्रवाई से लागू करवाया जा सकेगा. जिन प्रतिबंधों पर विचार हो रहा है उनमें उत्तर कोरिया के साथ सैन्य व्यापार बंद करने और उत्तर कोरिया में आने और जाने वाली सब चीज़ो के निरीक्षण के प्रावधान शामिल हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया को चेताया06 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना मकसद घातक चेतावनी देना नहीं था: अमरीका05 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'उत्तर कोरिया हथियार चुने या भविष्य'05 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीका की उत्तर कोरिया को चेतावनी03 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ जापानी प्रतिबंध19 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया की बाहर रहने की धमकी28 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र ने कोरिया पर लगाया प्रतिबंध16 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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