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उत्तर कोरिया पर चीन-जापान का कड़ा रूख़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन और जापान ने एक सुर मे कहा है कि अग़र उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण करता है तो वो इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने रविवार को बीजिंग में चीन के नेताओं के साथ शिखर वार्ता की. इसके बाद जारी साझा बयान में उत्तर कोरिया पर दोनों देशों ने अपना रुख़ व्यक्त किया. आबे ने कहा कि दोनों देश उत्तर कोरिया के मसले पर ठोस सहमति कायम करने में सफ़ल रहे हैं. अहम यात्रा किसी भी जापानी प्रधानमंत्री की पिछले पाँच वर्षों में चीन की यह पहली यात्रा है. चीन ने आबे की यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज़ से अहम करार दिया है. आबे ने मुलाक़ात के दौरान चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के जापान आने का निमंत्रण दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. जापान के प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि युद्ध के समय जापानी सेना का रिकॉर्ड बेहतर नहीं रहा और इसके लिए उन्हें पछतावा है. उन्होंने कहा कि जापान के साथ युद्धों में एशिया में हुई तबाही के कभी भूला नहीं जा सकेगा. ग़ौरतलब है कि आबे के पूर्ववर्ती जूनिचिरो कोईजूमी ने जापानी सैनिकों की समाधि पर जाकर चीन को नाराज़ कर दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया को चेताया06 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना मकसद घातक चेतावनी देना नहीं था: अमरीका05 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'उत्तर कोरिया हथियार चुने या भविष्य'05 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीका की उत्तर कोरिया को चेतावनी03 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ जापानी प्रतिबंध19 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया की बाहर रहने की धमकी28 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र ने कोरिया पर लगाया प्रतिबंध16 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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