BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 02 अक्तूबर, 2006 को 11:50 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
शशि थरूर की संभावनाएँ और बाधाएँ
शशि थरूर
थरूर का भविष्य काफ़ी हद तक चीन के रूख़ पर निर्भर करेगा
अमरीका में भारत के राजदूत रहे वरिष्ठ कूटनयिक नरेश चंद्रा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि शशि थरूर सोमवार को होने वाले अंतिम स्ट्रॉ पोल्स में अपनी दावेदारी बरक़रार रख सकते हैं.

हालांकि वे इस बात से भी इनकार नहीं करते कि अभी तक दक्षिण कोरियाई उम्मीदवार को अधिक समर्थन रहा है और चीन के रवैए पर काफ़ी कुछ निर्भर कर सकता है.

चंद्रा ने बताया कि सोमवार के स्ट्रॉ पोल में सभी सदस्य अपने-अपने देश की ओर से वोटिंग करेंगे और ये मुश्किल है कि वो दक्षिण कोरिया के पैसे से प्रभावित होंगे. उन्होंने ये भी कहा कि अगर वीटो का इस्तेमाल नहीं हुआ तो शशि थरूर और कोरिया के मंत्री ही दौड़े में रहेंगे.

उनका इशारा दक्षिण कोरिया के उम्मीदवार पर मीडिया में लगे आरोपों की ओर था, दक्षिण कोरिया पर आरोप है कि उसने वोट डालने वाले देशों को अपने पक्ष में करने के लिए उनके साथ ऐसे क़रार किए जो उनके लिए फ़ायदेमंद थे.

नरेश चंद्रा का कहना है कि थरूर के पक्ष में ये बात जाती है कि उन्होंने कभी भारत सरकार में नौकरी नहीं की है और न ही भारत का किसी क्षेत्र में प्रतिनिधित्व किया है.

उन्होंने कहा कि शशि महासचिव की दौड़ में सबसे बेहतरीन उम्मीदवार हैं क्योंकि उन्हें भारत की उन बातों का खमियाज़ा नहीं उठाना पड़ेगा जिसके लिए कभी भारत ने संयुक्त राष्ट्र में वोट किया हो और इससे किसी देश को फर्क़ पड़ा हो.

चंद्रा कहते हैं कि भारत ने भी अपनी तरफ से थरूर को पूरा समर्थन किया है. और भारत ने थरूर की उन सच बातों का समर्थन किया है जो उनके हक़ में हैं. लेकिन भारत की ऐसी कोई नीति नहीं है कि थरूर ही महासचिव बने. और ये भारत के लिए अच्छी बात है.

स्ट्रॉ पोल्स

इस प्रक्रिया के तहत ये कोशिश की जाती है कि इसमें कम उम्मीदवार हो, वैसे भी जिनको ये लगता है कि उनके महासचिव बनने की उम्मीद कम है तो वो पहले ही अपना नाम वापस ले लेते हैं.

स्ट्रॉ पोल्स के ज़रिए ऐसी सूची बनाई जाती है जिसमें ऐसे उम्मीदवार बचते हैं जो महासचिव बनने के लायक होते हैं. मेरी नज़र में आज के स्ट्रॉ पोल में दोनों की दावेदारी कायम रहेगी.

इस बार महासचिव पद की दावेदारी सिर्फ दो ही उम्मीदवारों के बीच है तो इस लिहाज़ से वीटो के इस्तेमाल की संभावना कम है, नरेश चंद्रा का कहना है कि कोई वीटो कर सकता है तो वह चीन ही हो सकता है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>