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शशि थरूर के लिए फ़ैसले का दिन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के भारत समर्थित उम्मीदवार शशि थरूर के लिए आज फ़ैसले का दिन होगा. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से आज अंतिम स्ट्रॉ पोल का आयोजन किया जा रहा है जिसमें ये तय होगा कि किस उम्मीदवार को कितना समर्थन हासिल है. इससे पहले हुए दो स्ट्रॉ पोल में भारत समर्थित उम्मीदवार शशि थरूर दूसरे नंबर पर रहे हैं, उनका मुख्य मुक़ाबला दक्षिण कोरिया के बान की मून से है. शशि थरूर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमारा दावा बहुत मज़बूत है और हम जीतने की हरसंभव कोशिश करेंगे." उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि "मैं वोट डालने वाले हर देश से बातचीत कर रहा हूँ, मुझे उम्मीद है कि वे मेरे संदेश को गंभीरता से लेंगे." उन्होंने सोमवार को होने वाले पोल के बारे में कहा, "सोमवार का दिन मेरे खयाल से काफ़ी निर्णायक होगा, अब देखना है कि दुनिया के देश इसे सचमुच की दौड़ बनाते हैं या फिर जो आगे चल रहा है उसे ही जिताना चाहते हैं." उन्होंने कहा, "इस वक़्त हम वह सब कुछ कर रहे हैं जो संभव है." उम्मीद मीडिया में ऐसी ख़बरें आई हैं कि दक्षिण कोरिया के उम्मीदवार ने मतदान करने वाले कई देशों को प्रभावित करने के लिए उनके साथ ऐसे व्यापारिक सौदे किए ताकि उन्हें फ़ायदा पहुँचे. इस मामले पर मीडिया में काफ़ी चर्चा है कि दक्षिण कोरिया मतदाता देशों को लुभाने की कोशिश कर रहा है, थरूर को उम्मीद है कि शायद उन्हें इसका लाभ मिल सकता है लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई सीधी टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा, "मैं तो यही मानना चाहूँगा कि स्वतंत्र देशों को किसी तरह के प्रलोभन से भरमाया नहीं जा सकता वे अपनी विदेश नीति और कूटनीतिक हितों के अलावा किसी और बात पर ध्यान नहीं देंगे." पिछले स्ट्रॉ पोल में थरूर को महासचिव चुने जाने के लिए ज़रूरी नौ वोट नहीं मिल पाए थे, उन्हें आठ वोट मिले थे. मगर थरूर इससे निराश नहीं हैं और वे जीत की पूरी उम्मीद रख रहे हैं, उन्होंने कहा कि भारत सरकार से उन्हें कोई शिकायत नहीं है और उसने अपनी तरफ़ से हरसंभव सहायता दी है. | इससे जुड़ी ख़बरें संयुक्त राष्ट्र मेरा जुनून है-थरूर16 जून, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र महासचिव पर नया सुझाव22 मई, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र में सुधार हो-ब्लेयर26 मई, 2006 | पहला पन्ना एशियाई देशों में एड्स की भयावह तस्वीर01 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र में सुधारों का समर्थन21 मार्च, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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