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जापानी राजकुमारी ने बेटे को जन्म दिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान की राजकुमारी कीको ने एक बेटे को जन्म दिया है जिसके बाद वहाँ के शाही परिवार ने उत्तराधिकार का मसला हल होता नज़र आ रहा है. 39 वर्षीय महारानी कीको ने ऑपरेशन के ज़रिए बेटे को जन्म दिया है. यह पैदाइश निर्धारित समय से दो सप्ताह पहले हुई है क्योंकि गर्भ में कुछ जटिलताएँ होने लगी थीं. कीको मौजूदा सम्राट के दूसरे बेटे की पत्नी हैं. उनकी पहले से दो बेटियाँ हैं लेकिन महिलाओं को जापान की राजगद्दी पर बैठने की इजाज़त नहीं है. चार दशक में जापान के शाही परिवार में यह पहला मौक़ा है जब किसी बेटे ने जन्म लिया है. इस बच्चे को जापान के शाही परिवार के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है. मौजूदा उत्तराधिकारी क्राउन प्रिंस नरूहीतो और उनकी पत्नी की एक औलाद बेटी है जबकि राजकुनारी सयाको का विवाह एक आम आदमी से हुआ है इसलिए अगर उनका कोई बेटा होता भी तो उसके नाम पर उत्तराधिकारी के लिए विचार ही नहीं होता. राजकुमारी कीको ने मंगलवार को स्थानीय समय के अनुसार रात 11 बजकर 27 मिनट पर बेटे को जन्म दिया जिसका वज़न क़रीब ढाई किलोग्राम था. ख़बरों में बताया गया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. इस ख़बर का जापान में काफ़ी उत्सुकता से इंतज़ार किया जा रहा था क्योंकि शाही उत्तराधिकार का मसला काफ़ी चर्चा में रहा है. राजकुमारी कीको 16 अगस्त से अस्पताल में थीं क्योंकि उनके गर्भ में कुछ जटिलताएँ दिखने लगी थीं. डॉक्टरों का कहना है कि जब राजकुमारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो वह एहतियाती क़दम था.
अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखे जाने वाले जापान के मुख्य कैबिनेट मंत्री शीन्ज़ो अबी ने घोषणा की, "हम बहुत प्रसन्न हैं कि राजकुमार पैदा हुए हैं." उन्होंने कहा, "मुझे सचमुच बेहद राहत मिली है और यह रिपोर्ट पाकर हम बहुत प्रसन्न हैं कि राजकुमारी और नवजात राजकुमार दोनों स्वस्थ हैं." लंबी बहस परंपरावादियों ने उम्मीद जताई थी कि राजकुमारी कीको बेटे को जन्म देंगी जिससे शाही उत्तराधिकारी पर हो रही बहस को लगाम लग सकेगी. यहाँ तक कहा जाने लगा था कि क्या महिलाओं को राजगद्दी पर बैठने की व्यवस्था करने के लिए संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री यूनीशीरो कोईज़ूमी संविधान में संशोधन की हिमायत करते रहे हैं और इस क़दम को आम लोगों में कुछ समर्थन भी देखा गया है लेकिन परंपरावादियों की तरफ़ से हुए विरोध को देखते हुए संशोधन का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था. जापान में हाल के समय में जन्म दर काफ़ी कम हुई है और सरकार महिलाओं को और ज़्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें जापानी राजकुमारी ने बेटे को जन्म दिया06 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना बरसों के बिछड़े माँ-बेटा मिले28 जून, 2006 | पहला पन्ना कामकाज पर नींद भारी!09 जून, 2006 | पहला पन्ना जनता की ईमानदारी, पुलिस की मुसीबत08 मार्च, 2006 | पहला पन्ना जापानी शाही परिवार में लड़का या लड़की!10 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना राजगद्दी तक महिलाओं की 'पहुँच'20 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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