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क्लस्टर बमों के बारे में नक्शे की माँग | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने बताया है कि उन्होंने इसराइल से लेबनान में उन स्थानों के नक्शे सौंपने को कहा है जहाँ उसने हाल ही में हिज़्बुल्ला के साथ हुए युद्ध के दौरान क्लस्टर बम गिराए होंगे. कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि क्लस्टर बमों का इस्तेमाल आम आबादी वाले इलाक़ों में नहीं किया जाना चाहिए और लेबनान में जहाँ क्लस्टर बम गिराए गए होंगे उन्हें जल्दी से जल्दी नाकाम करना बहुत ज़रूरी है. संयुक्त राष्ट्र ने अनुमान लगाया है कि लेबनान में गिराए गए इसराइली क्लस्टर बमों में से बहुत से अब भी बिना फटे हुए पड़े होंगे और उनकी संख्या सैकड़ों से हज़ारों तक हो सकती है. कोफ़ी अन्नान इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच हुए युद्ध विराम को टिकाऊ बनाने की कोशिश कर रहे हैं और इन प्रयासों के तहत उन्होंने गुरूवार को सीरिया का दौरा किया है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में इसराइल के क्लस्टर बम इस्तेमाल करने की कड़ी आलोचना की. संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता के प्रमुख यान इगलान ने लेबनान में इसराइल के क्लस्टर बम इस्तेमाल करने को 'पूरी तरह अमानवीय क़रार' दिया. उनका कहना था कि इसराइल ने हिज़्बुल्ला के साथ हुई लड़ाई के आख़िरी दिनों में क्लस्टर बमों का भारी इस्तेमाल किया. यान इगलान का कहना था कि पूरे संघर्ष में जितने क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, उसका 90 प्रतिशत युद्धविराम के पहले के 72 घंटो में किया गया. संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का कहना है कि 359 स्थानों पर एक लाख बिना फटे क्लस्टर बम बरामद हुए हैं. दरअसल क्लस्टर बम में छोटे-छोटे अनेक बम लगे होते हैं और दागे जाने के बाद ये दूर दूर तक फैल जाते हैं. इनमें से कुछ बम तत्काल नहीं फटते और वर्षों तक बारूदी सुरंग का काम करते हैं. जबकि अब तक इसराइल यह कहता आया है कि इस लड़ाई में उसने जो हथियार इस्तेमाल किए हैं, वे अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के दायरे में हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें लेबनान की नाकेबंदी हटाने से इनकार30 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना अन्नान ने तबाही का जायज़ा लिया29 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना ओल्मर्ट ने समितियाँ बनाने की घोषणा की28 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना अन्नान की इसराइल-हिज़्बुल्ला से अपील28 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना युद्ध के लिए नसरल्ला ने खेद जताया27 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना शांतिसेना गठन में योगदान का स्वागत26 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना सैनिकों की संख्या पर शिराक के सवाल25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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