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अन्नान की इसराइल-हिज़्बुल्ला से अपील | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने युद्धविराम की मज़बूती के लिए इसराइल और हिज़्बुल्ला से अलग-अलग अपील की है. कोफ़ी अन्नान ने इसराइल से अपील की है कि वह लेबनानी बंदरगाहों और हवाई अड्डों की घेराबंदी तुरंत ख़त्म करे. उन्होंने हिज़्बुल्ला से अगवा किए गए दोनों इसराइली सैनिकों की रिहाई की अपील की. दो इसराइली सैनिकों को अगवा किए जाने के बाद ही इसराइल ने लेबनान पर हमला शुरू किया था. क़रीब 34 दिन तक चली लड़ाई के बाद संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत युद्धविराम पर सहमति हो पाई. लेबनान की राजधानी बेरूत पहुँचे कोफ़ी अन्नान ने प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा और लेबनानी संसद के स्पीकर नबी बेरी से मुलाक़ात की. कोफ़ी अन्नान ने हिज़्बुल्ला की राजनीतिक शाखा के सदस्य और मंत्री मोहम्मद फ़्निश से भी बातचीत की. मुलाक़ात के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कोफ़ी अन्नान ने कहा कि लेबनान ने गंभीर संकट का सामना किया. उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक शांति के लिए अवसर मौजूद हैं. अन्नान ने कहा, "मैं अपने इसराइली मध्यस्थों से लेबनान की घेराबंदी तुरंत ख़त्म करने का आग्रह करता हूँ. मैं उनके साथ, और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझीदारों के साथ, यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा हूँ कि घेराबंदी ख़त्म हो." संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, "मैं बंधक बनाए गए सैनिकों को रिहा करने की अपील भी दोहराता हूँ. बंधकों को रेड-क्रॉस के ज़रिए या तो लेबनान सरकार को या किसी तीसरे पक्ष को सौंप दिया जाए. ज़रूरत पड़ी तो संयुक्त राष्ट्र भी इस काम में सहायता के लिए तैयार है." इस बीच तुर्की ने दक्षिणी लेबनान में संयुक्तराष्ट्र की अगुआई में तैनात किए जाने वाले शांतिरक्षक बल में भागीदारी की इच्छा जताई है. एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि तुर्की अपने पास की घटनाओं का मूकदर्शक बने रहना नहीं चाहता है. रचनात्मक बातचीत लेबनानी प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा ने कहा कि कोफ़ी अन्नान से उनकी बातचीत काफ़ी रचनात्मक रही. कोफ़ी अन्नान ने दक्षिणी लेबनान में 15 हज़ार शांति सैनिकों की तैनाती के बारे में भी चर्चा की. कोफ़ी अन्नान ने लेबनानी संसद के स्पीकर नबी बेरी से बातचीत का ख़ास तौर से ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, "नबी बेरी ने मुझे भरोसा दिलाया है कि सरकार और लेबनान की जनता संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव को लागू कराने में मदद करेगी." अन्नान ने कहा कि नबी बेरी ने उम्मीद जताई है कि इसराइल भी ऐसा ही करेगा. लेकिन कोफ़ी अन्नान ने यह भी स्वीकार किया कि अभी बहुत सारे काम बाक़ी हैं. लेबनानी बंदरगाहों और हवाई अड्डों की घेराबंदी के मुद्दे पर लेबनानी प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा ने उम्मीद जताई कि बातचीत के बाद अच्छी चीज़ें निकलकर सामने आएँगी. युद्धविराम के बावजूद इसराइल ने लेबनानी बंदरगाहों और हवाई अड्डों की घेराबंदी जारी रखी है. इसराइल का कहना है कि जब तक हिज़्बुल्ला को निशस्त्र नहीं किया जाता घेराबंदी जारी रहेगी. कोफ़ी अन्नान इसराइल, फ़लस्तीनी क्षेत्रों, सीरिया और ईरान का भी दौरा करेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें युद्ध की जाँच की घोषणा संभव27 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना युद्ध के लिए नसरल्ला ने खेद जताया27 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना शांतिसेना गठन में योगदान का स्वागत26 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय संघ आधे शांति सैनिक भेजेगा25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना अल-मनार दिखाने के प्रस्ताव की सज़ा25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना अन्नान की शांति सेना के मुद्दे पर बैठक25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना सैनिकों की संख्या पर शिराक के सवाल25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना प्रमुख ने नाकामी मानी24 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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