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युद्ध की जाँच की घोषणा संभव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट रविवार को इस बारे में जाँच की घोषणा कर सकते हैं कि 34 दिन का इसराइल-हिज़्बुल्ला युद्ध किस तरह चलाया गया. इसराइल में युद्ध के संचालन की व्यापक आलोचना हुई है. विशेष तौर पर इसके कड़े आलोचक इस युद्ध में मारे गए सैनिकों के परिवार है और वे अतिरिक्त सैनिक जिन्हें इसमें भाग लेने के लिए बलाया गया. ये माना जा रहा कि इस जाँच में सैन्य रणनीति की समीक्षा की जाएगी. इस जाँच में ये भी परख़ की जाएगी कि क्या इसराइल ने हिज़्ज़बुल्ला की ताकत तो आँकने में कोई ग़लती की थी. एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अहम प्रश्न ये है कि ये जाँच कितनी व्यापक होगी. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री ओल्मर्ट पर ख़ासा दबाव है जिसके कारण उन्हें पूरा राजकीय आयोग नियुक्त करना पड़ सकता है. इसका मतलब ये है कि सरकार के लिए ऐसे आयोग कि सिफ़ारिशों को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल हो जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें लेबनानी सैनिक दक्षिण में पहुँचे17 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना सुरक्षा बल की तैनाती को लेकर कई बैठकें16 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना शांति सेना का नेतृत्व करेगा फ़्रांस16 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान के साथ वार्ता की इसराइली पहल16 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान में शांतिरक्षा सेना की मुश्किलें16 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना 'सामरिक संतुलन बदलने का दावा'14 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना युद्धविराम की ज़मीनी सच्चाई14 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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